






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अगस्त 2025। हंगामा, हमला, मुकदमा और सियासत के दांव पेंचों का परिणाम गांव ठुकरियासर के लिए थोड़ा बुरा रहा है कि यहां बनने वाला 132 केवी जीएसएस अब तोलियासर में बन रहा है। इस जीएसएस के लिए भूमि के आंवटन पर हुई लंबी लड़ाई में गांव के दोनो ही पक्ष नहीं हारे बल्कि यह लड़ाई गांव ही हार गया है। वर्ष 2024 के बजट में राज्य सरकार द्वारा क्षेत्र की बिजली जरूरतों के अनुसार गांव ठुकरियासर में 132 केवी जीएसएस की स्वीकृति दी थी एवं सितम्बर तक आते आते काम सिरे चढ़ा भूमि आवंटन के साथ ही काम शुरू होने का स्तर आ गया। लेकिन गांव में दो गुटों में से एक गुट जिसकी अगुवाई कांग्रेस विचारधारा के सरपंच द्वारा की जा रही है उसने 35 बीघा भूमि गोचर में से जीएसएस के लिए देने का प्रस्ताव दिया। लेकिन इस गोचर पर गांव के ही दुसरे गुट के कब्जे बताए जा रहे है एवं इस कारण प्रशासन दूसरी भूमि आवंटन करने पर अड गया। ऐसे में सरपंच एवं प्रशासन के बीच चली तकरार में करीब एक साल में सरपंच की गैर मौजुदगी में प्रस्ताव लिए जाने, सरकारी कार्मिकों के साथ मारपीट होने, पंचायत भवन के ताले लगने, ताले टुटने, पंचायत भवन में अम्बेडकर प्रतिमा तोड़ने, सरपंच की गिरफ्तारी होने एवं प्रशासक के रूप में लगे सरपंच को हटाने जैसी कई तनावपुर्ण घटनाएं ग्रामीणों ने देखी। लेकिन आखिरकार अब इस मामले का पटाक्षेप गांव से जीएसएस निकटवर्ती गांव तोलियासर में स्थानांतरित होने से हुआ है। अब इस 132 केवी जीएसएस का का निर्माण कार्य गांव तोलियासर में सरदारशहर रोड़ के बांई और गोचर भूमि पर शुरू हो गया है। तोलियासर सरपंच प्रतिनिधि गिरधारीसिंह ने बताया कि जनहित के काम और कई गांवो की बिजली समस्याओं के समाधान के विचार को प्राथमिकता देते हुए ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव आने के साथ ही विभाग को एनओसी जारी कर दी गई और विभाग द्वारा भी त्वरित रूप से कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अब यहां जल्द ही 132 केवी जीएसएस बनने से कई गांवों की बिजली समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
ठुकरियासर में नाराजगी, सरपंच प्रशासक ने लगाए आरोप।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ठुकरियासर के ग्रामीणों में इससे नाराजगी का माहौल है। सरपंच व प्रशासक अमराराम गांधी ने इस पर कड़ी आपत्ति भी जताते हुए कहा कि गांव राजनीतिक घृणा का शिकार हो गया। गांव में बनने वाला जीएसएस तोलियासर ले जाया गया है। गांधी ने कहा कि उनकी जायज आवाज को दबाया गया है। गांधी ने आरोप लगाया कि हमने ग्राम पंचायत की सड़क किनारे स्थित 35 बीघा गोचर भूमि की एनओसी जारी की, जिसपर गांव के ही दबंग ने अतिक्रमण कर रखा है। राजनीतिक दबाव में गांव की उत्तर दिशा में स्थित गोचर जहां गरीब लोगों के कुछ मकान बने है, कि भूमि देने की बात कही गई। वहां तक वाहन पहुंचना भी मुश्किल है। लेकिन फिर भी राजनैतिक दबाव में विभागीय अधिकारियों ने मिलकर जीएसएस का बवाल बना दिया।
बैठते एईएन, ठुकरियासर बनता केन्द्र, अब तोलियासर में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 132 केवी जीएसएस बनने के साथ ही ठुकरियासर सरदारशहर रोड़ पर बिजली सप्लाई का केन्द्र बन जाता लेकिन अब यह केन्द्र तोलियासर बनेगा। सरदारशहर रोड़ पर तोलियासर, ठुकरियासर, लिखमादेसर, उदरासर, सुरजनसर, जालबसर सहित कई ग्राम पंचायतों में वर्तमान में सप्लाई मोमासर एवं श्रीडूंगरगढ़ 132 से होती है एवं लंबी लाईनों के कारण कम वोल्टेज, फाल्ट में लगने वाली देरी, लाईनें टुटने आदि समस्याओं से इन गांवों के ग्रामीणों को परेशान होना पड़ता था। अब लाईनें कम दूरी की होने, अधिक फीडर होने के कारण ग्रामीणों को इन समस्याओं से मुक्ति मिल सकेगी व सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी इसी जीएसएस पर बैठेगें। ऐसे में गांव ठुकरियासर में जीएसएस नहीं बनने का मलाल गांव के अनेक युवाओं को भी है।





