






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 30 सितम्बर 2025।🚩श्री गणेशाय नम:🚩शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 30-Sep-2025
☀ Sri Dungargarh, India
🔅 तिथि अष्टमी 06:07 PM
🔅 नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा पूर्ण रात्रि
🔅 करण बव 06:07 PM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग शोभन 01:03 AM
🔅 वार मंगलवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 06:25 AM
🔅 चन्द्रोदय 01:54 PM
🔅 चन्द्र राशि धनु
🔅 चन्द्र वास पूर्व
🔅 सूर्यास्त 06:21 PM
🔅 चन्द्रास्त 00:06 AM
🔅 ऋतु शरद
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 काली सम्वत 5126
🔅 दिन काल 11:55:51
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत आश्विन
🔅 मास पूर्णिमांत आश्विन
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 12:00 PM 12:47 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:49 AM 09:36 AM
🔅 कंटक 07:13 AM 08:01 AM
🔅 यमघण्ट 10:24 AM 11:12 AM
🔅 राहु काल 03:22 PM 04:52 PM
🔅 कुलिक 01:35 PM 02:23 PM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 08:49 AM 09:36 AM
🔅 यमगण्ड 09:24 AM 10:54 AM
🔅 गुलिक काल 12:23 PM 01:53 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
☀ चन्द्रबल
🔅 मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुम्भ, मीन
📜 चोघडिया 📜
🔅 रोग 06:26 AM – 07:55 AM
🔅 उद्वेग 07:55 AM – 09:25 AM
🔅 चल 09:25 AM – 10:54 AM
🔅 लाभ 10:54 AM – 12:23 PM
🔅 अमृत 12:23 PM – 01:53 PM
🔅 काल 01:53 PM – 03:22 PM
🔅 शुभ 03:22 PM – 04:52 PM
🔅 रोग 04:52 PM – 06:21 PM
🔅 काल 06:21 PM – 07:52 PM
🔅 लाभ 07:52 PM – 09:22 PM
🔅 उद्वेग 09:22 PM – 10:53 PM
🔅 शुभ 10:53 PM – 00:23 AM
🔅 अमृत 00:23 AM – 01:54 AM
🔅 चल 01:54 AM – 03:25 AM
🔅 रोग 03:25 AM – 04:55 AM
🔅 काल 04:55 AM – 06:26 AM
📜 लग्न तालिका 📜
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 05:30 AM समाप्त: 07:46 AM
🔅 तुला चर
शुरू: 07:46 AM समाप्त: 10:06 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 10:06 AM समाप्त: 12:24 PM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 12:24 PM समाप्त: 02:29 PM
🔅 मकर चर
शुरू: 02:29 PM समाप्त: 04:12 PM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 04:12 PM समाप्त: 05:40 PM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 05:40 PM समाप्त: 07:06 PM
🔅 मेष चर
शुरू: 07:06 PM समाप्त: 08:42 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 08:42 PM समाप्त: 10:38 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 10:38 PM समाप्त: 00:53 AM
🔅 कर्क चर
शुरू: 00:53 AM समाप्त: 03:13 AM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 03:13 AM समाप्त: 05:30 AM
🌺।। आज का दिन मंगलमय हो ।।🌺
दिन (वार) – मंगलवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से उम्र कम होती है। अत: इस दिन बाल और दाढ़ी नहीं कटवाना चाहिए ।
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा और व्रत करने से हनुमान जी प्रसन्न होते है। मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा एवं सुन्दर काण्ड का पाठ करना चाहिए।
मंगलवार को यथासंभव मंदिर में हनुमान जी के दर्शन करके उन्हें लाल गुलाब, इत्र अर्पित करके बूंदी / लाल पेड़े या गुड़ चने का प्रशाद चढ़ाएं । हनुमान जी की पूजा से भूत-प्रेत, नज़र की बाधा से बचाव होता है, शत्रु परास्त होते है।
मंगलवार के व्रत से सुयोग्य संतान की प्राप्ति होती है, बल, साहस और सम्मान में भी वृद्धि होती है।
मंगलवार को धरती पुत्र मंगलदेव की आराधना करने से जातक को मुक़दमे, राजद्वार में सफलता मिलती है, उत्तम भूमि, भवन का सुख मिलता है
🌼 नवरात्रि का नौवां दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित है।
माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। नवरात्र-पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। इस दिन शास्त्रीय विधि-विधान और पूर्ण निष्ठा के साथ साधना करने वाले साधक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति हो जाती है। सृष्टि में कुछ भी उसके लिए अगम्य नहीं रह जाता है। ब्रह्मांड पर पूर्ण विजय प्राप्त करने की सामर्थ्य उसमें आ जाती है।
🌼 दुर्गाष्टमी
अष्टमी के दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए देवी मां को चुनरी भेंट करती हैं। अष्टमी तिथि को माँ गौरी को दूध से बने नैवेद्य एवं नारियल का भोग लगाएं।
या देवी सर्वभूतेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥
जिनके घरो में अष्टमी पूजी जाती है जो सात नवरात्री का ब्रत रखते है उनके यहाँ अष्टमी की पूजा के बाद नन्ही कुंवारी कन्याओं को भोजन कराना शुभ फल देने वाला माना जाता है।
अष्टमी के दिन नन्ही कन्याओं जिन्हे कंजक कहा जाता है की पूजा करना, उन्हें प्रेम पूर्वक भोजन करवाकर उन्हें उपहार देने से माँ दुर्गा की असीम कृपा मिलती है ।
विशेष :- नौ दिवस व्रत करने वाले कल व्रत को पूर्ण करें!!
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026




