May 21, 2026
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पेपर लीक मामले में कल केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की एंट्री हो गई है। इस जांच एजेंसी ने आरपीएससी सदस्य कटारा व इससे जुड़े लोगों के जयपुर, अजमेर स्थित ठिकानों पर छापे मारकर जांच आरम्भ की है। ईडी ने छापों की ताबड़ तोड़ कार्यवाही की है। इससे राज्य की सियासत में गर्माहट आ गई है। सीएम को भी ये दखल सही नहीं लगा। उनका कहना था कि पुलिस व एसओजी ने कार्यवाही की है, लगभग 200 लोगों को पकड़ा है। इस दखल से राज्य की जांच एजेंसियों के मनोबल पर असर पड़ेगा, क्योंकि उन्होंने काफी तेज कार्यवाही की है जांच प्रगति पर है।
राजनीतिक हलकों में इसे सियासी कार्यवाही भी कहा जा रहा है जबकि हर कोई इस अपराध के जनक अपराधियों को पकड़वाना चाहता है। राज्य सरकार ने भी विधानसभा में कहा कि इस अपराध में शामिल हर व्यक्ति को पकड़ा जायेगा। ईडी भी मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर छापे मार रही है। कांग्रेस को इस बात का एतराज है कि बिना राज्य सरकार को सूचना के सीधे कार्यवाही की गई है जो संघीय ढांचे की भावना के अनुरूप नहीं है।
दूसरी तरफ पेपर लीक से प्रभावित छात्र ईडी की कार्यवाही को सही मानते है। उनका कहना है कि इस भ्रष्टाचार के शिकार छात्र हुए है और उनको मानसिक रूप से प्रताड़ना मिली है, इसलिए हर अपराधी को पकड़ा जाना चाहिए। छात्र इस मसले पर इमोशनल है। रालोपा के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल, भाजपा नेता भी ईडी की कार्यवाही को सही ठहरा रहे हैं। इनका मानना है कि अभी तक जो पकड़े गये हैं, वे दोषी तो है मगर जिम्मेवार लोग अभी भी पकड़ से दूर है। उनको ईडी ही पकड़ सकती है।
वैसे उच्च स्तरीय जांच की मांग भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा तो कई महीनों से कर रहे हैं। इतना ही नहीं पूर्व उपमुख्यमंत्री व कांग्रेस नेता सचिन पायलट इस मसले पर अजमेर से जयपुर तक 125 किमी की जन संघर्ष यात्रा भी निकाली थी। अभी भी अपनी 3 मांगों पर अड़े हुए हैं, झुकने को तैयार नहीं है। ईडी के को प्रवेश के लिए इतना आधार काफी है।
मगर राजनीतिक हलके में ईडी के प्रवेश की टाइमिंग पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। क्योंकि इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव है। इसीलिए इस दखल को राजनीतिक रंग भी दिया जा रहा है। मगर यदि किरोड़ी जी, पायलट व प्रभावित छात्रों की बात मानें तो ईडी का प्रवेश गलत नहीं है। पेपर लीक जैसे जघन्य अपराध के दोषियों को पकड़ा ही जाना चाहिए। इसी आशय के बयान सीएम ने भी दिए हैं। ईडी की जांच की आंच कहाँ तक पहुंचती है, ये तो जांच पूरी होने पर ही सामने आयेगा। मगर इस प्रवेश पर अलग अलग राय ने राजनीति को जरूर गर्मा दिया है।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार