






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 जून 2020। गांव मोमासर में वर्ष 2013 में भागीरथ शर्मा का देहांत हो गया लेकिन उनके नाम से राशन जून 2020 तक लगातार उठ रहा है। अब यह राशन डीलर खा रहा है या अधिक राशन के लालच में परिजनों द्वारा ही मृत्यु के बाद भी राशन कार्ड से नाम नहीं हटवाया गया यह तो जांच का विषय है। इसी प्रकार गांव के बंसीधर शर्मा की मृत्यु को भी लंबा समय हो गया परन्तु उनके नाम से भी राशन लगातार उठाया जा रहा है। गांव में ही एक और प्रकरण सामने आया है कि गांव से दिल्ली प्रवासी कमल किशोर लंबे समय से परिवार सहित दिल्ली ही रहते थे लेकिन उनके नाम से भी राशन लगातार उठाया गया है। ऐसे में ग्रामीणों ने गांव के राशन डीलर कन्हैया लाल के खिलाफ शिकायतें जिला कलेक्टर तक पहुंचाई है। जिसमें ग्रामीणों ने डीलर पर उपभोक्ताओं से अंगूठा लगवाने के बाद भी मशीन में अंगूठा मान्य नहीं होने की बात कह कर राशन नहीं देने एवं गबन कर जाने, डीलर की मिलीभगत से गांव में बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियों में लगे हुए लोगों के भी खाद्यसुरक्षा सूची में शामिल होने, निर्धारित स्थान पर दुकान नहीं चलाने, दुकानें दूसरे लोगों को किराए पर चलाने के लिए देने आदि आरोप लगाए है। भाजपा मोमासर मंडल के महामंत्री जितेन्द्र माली ने बताया कि इस संबध में ग्रामीण किसनाराम, कुम्भाराम, दानाराम, मनफूल, भागीरथ, जोराराम, सुगनाराम, कमलसिंह, बंशीधर, चुन्नीलाल, बजरंग सिंह, इन्द्रचंद ने जिला कलेक्टर से तुरन्त दुकान के स्टॉक की जांच करवाने की मांग की है।
प्रशासन इधर भी ध्यान देवें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लंबे समय से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे सरकारी राशन के प्रति लोग अब गंभीर हुए है एवं अपने अपने राशन कार्ड संभालते हुए सरकारी राशन की दुकानों के चक्कर काटने लग गए है। लॉकडाउन के बाद राशन डिलरों के भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायतें जम कर सामने आने लगी है। लेकिन अभी तक इन डिलरों पर कार्यवाही के नाम पर रसद विभाग के पास कोई उपलब्धि शामिल नहीं हो सकी है। हालात यह है कि ग्रामीण अपनी शिकायतें लिए उपखण्ड अधिकारी से लेकर जिला कलेक्टर तक चक्कर लगा रहे है एवं अधिकारी भी कार्यवाही करने के निर्देश पुन: रसद विभाग को दे कर इतिश्री कर लेते है। ऐसे में अब आवश्यकता हो गई है कि प्रशासनिक अधिकारी रसद के संबध में आने वाली शिकायतों को केवल रसद विभाग के अधिकारियों को फॉरवर्ड करने तक ही सिमित ना रहें और स्वयं इन शिकायतों की कार्यवाही पर मॉनिटरिंग करें। जिससे शिकायत पर कार्यवाही होने का संदेश भी आम जनता में पहुंच सकें।




