






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 जुलाई 2023। ईवीएम के भाग कितने है.? ईवीएम में कितने उम्मीदवार हो सकते है.? ईवीएम का पूरा नाम क्या है.? ये सवाल पूछते युवा और जवाब देते सहायक निर्वाचक पंजीयन अधिकारी राजवीर कड़वासरा व निर्वाचन शाखा के भव्य कटारिया। ये दृश्य क्षेत्र के सीनियर स्कूल व कॉलेजों में नजर आ रहा है। बुधवार को चुनाव संबंधी जानकारी की जागरूकता के लिए आयोजित कार्यक्रम में राजवीर ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन जो दो इकाइयों से बनी होती है जिसमें एक कंट्रोल यूनिट तथा एक बैलेटंग यूनिट होती है। ये पांच मीटर केबल से जुड़ी होती है और नियंत्रण इकाई पीठासीन अधकारी के पास रखी जाती है। भव्य कटारिया ने युवाओं को बताया कि अब चुनावों में मतपत्र की जगह बटन दबाकर वोट दिया जाता है। एक मशीन में अधिकतम 2 हजार मत दर्ज हो सकते है और अधिकतम 64 अभ्यर्थियों के निर्वाचन कराए जा सकते है। एक बैलेटिंग यूनिट में 16 अभ्यर्थियों के लिए प्रावधान होता है तो 4 बैलेटिंग यूनिटों को जोड़कर 64 अभ्यर्थियों तक के लिए एक से अधिक बैलटिंग इकाईयां जोड़ी जा सकती है। इस तरह अब 384 अभ्यर्थियों के लिए निर्वाचन कराया जा सकता है। मशीन खराब हो जाए तो उसे नई ईवीएम के साथ बदल दिया जाता है। ध्यान रहें कि खराब मशीन की मेमोरी में डेटा पूरी तरह से सुरक्षित रहता है।
वीपीपैट का प्रदर्शन करने गांव गांव जाएगी वैन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आमजन व विद्यालयों में पढ़ने वाले नव मतदाताओं को ईवीएम तथा वीवीपैट की कार्यप्रणाली समझाने के लिए व मतदान करने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से क्षेत्र के गांव गांव में वीवीपैट का प्रदर्शन करने निर्वाचन विभाग की टीम पहुंचेगी। ये टीम युवाओं को मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रेरणा देते हुए आमजन को मतदान जरूर करने का प्रण करवाएगी। इस दौरान टीम में निवार्चक शाखा से जुड़े कार्मिक अपनी सेवाएं दे रहें है।
सेसोमू, भारती निकेतन, ब्राइट फ्यूचर, श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय पहुंचा दल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बुधवार को निर्वाचन संबंधी जागरूकता के लिए सेसोमू कॉलेज व भारती निकेतन कॉलेज के छात्र छात्राओं को समझाई गई। कटारिया ने विद्यार्थियों को ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों का लाइव प्रदर्शन करते हुए इनके बारे में जानकारी दी। आज गुरूवार को भारती निकेतन स्कूल, ब्राइट फ्यूचर स्कूल, श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय पहुंची टीम ने युवाओं को पूरी जानकारी दी। इस दौरान शाखा के नौरतमल शर्मा, प्रदीप कौशिक, किशोरीलाल आदि दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा ईवीएम मशीन वीवीपीएटी मशीन का डेमोंस्ट्रेशन किया गया।








