May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 08 अगस्त 2023, गैस की समस्या कई बार व्यक्ति को असुविधाजनक और शर्मनाक स्थिति में डाल देती है। जो लोग ऐसी परेशानियों से जूझते हैं वे इससे बचने के लिए कई तरह की दवाओं और चूर्ण का इस्तेमाल करते हैं। जबकि इससे राहत पाने के लिए सबसे जरूरी है इसके मूल आधार को समझना। दरअसल, कई ऐसे फूड आइटम्स होते हैं, डाइजेशन फंक्शन में एक्स्ट्रा गैस पैदा करने के लिए जाने जाते हैं। इससे सूजन और पेट फूलने की परेशानी भी होती है। इस आर्टिकल में हम ऐसे ही पांच सामान्य फूड आइटम्स के बारे में जानेंगे, जो गैस का कारण बन सकते हैं।

ऐसे कौन से फूड्स हैं, जिन्हें खाने से गैस बन सकती है?

1. पॉपकॉर्न

क्या करना चाहिए: पॉपकॉर्न को अधिक डाइजेस्टिव बनाने के लिए, इसे जैतून के तेल या नारियल तेल जैसे हेल्दी फैट जोड़ने ऑयल में पकाना चाहिए। इसके अलावा इसपर जीरा या काली मिर्च जैसे कुछ हल्के मसाले छिड़कने से भी पाचन में मदद मिल सकती है। वहीं, हवा की मात्रा को कम करने के लिए पॉपकॉर्न को खाते वक्त अच्छी तरह से चबाना चाहिए।

2. कच्चा सलाद

वैसे तो सलाद एक हेल्दी फूड आइटम है, लेकिन कई बार कच्चा सलाद डाइजेस्टिल सिस्टम पर काफी कठिन प्रभाव डाल सकता है। खासकर संवेदनशील आंत वाले लोगों के लिए। कच्ची सब्जियों में सल्फर जैसे कम्पाउंड होते हैं, जो बदबूदार गैस और सूजन का कारण बन सकते हैं।

क्या करना चाहिए: सलाद को पचाने में आसान बनाने के लिए, इसमें शामिल कुछ सब्जियों को हल्का भून लें या स्टीम करके पका लें। ऐसा करने से पचने में कठिन कुछ कम्पाउंड्स को टूटने में आसानी हो जाती है, जिससे वे पचने में आसान हो जाते हैं। डाइजेशन को आसान करने के लिए सलाद ड्रेसिंग में अदरक या काली मिर्च जैसे गर्म मसालों को छिड़क सकते हैं।

3. च्युइंग गम

च्युइंग गम देखने में भले ही सॉफ्ट लगता है, लेकिन यह भी गैस और सूजन का कारण हो सकता है। जैसे ही गम चबाते हैं, आप अधिक हवा निगलते हैं, जो डाइजेस्टिव सिस्टम में जमा हो सकती है और असुविधा पैदा कर सकती है।

क्या करना चाहिए: च्युइंग गम चबाने की आदत को कम करें। इसके बजाय, सांसों को तरोताजा रखने के लिए इलायची खाएं।

4. प्याज

प्याज ज्यादातर डिशेज को तैयार करने का मेन इंग्रीडिएंट होता है, जो थिकनेस के साथ स्वाद भी जोड़ता है, लेकिन इसमें फ्रुक्टेन भी होता है। फ्रुक्टेन एक तरह का कार्बोहाइड्रेट है, जिसे कुछ लोगों को पचाना मुश्किल होता है। जब ये फ्रुक्टेन टूटते हैं, तो डाइजेस्टिव सिस्टम में गैस पैदा कर सकता है।

क्या करना चाहिए: अगर आपको प्याज पसंद है, लेकिन उसे खाने के बाद गैस और सूजन का अनुभव होता है, तो उसे अच्छी तरह से पकाएं। पकने की प्रक्रिया से फ्रुक्टेन को तोड़ने में मदद मिलती है, जिससे प्याज पेट के सहने के लिए आसान हो जाता है।

5. कच्चे सेब और आड़ू

सेब और आड़ू जैसे फल में भी फ्रुक्टोज की मात्रा अधिक होती है। इसलिए कई लोगों में इन फलों को खाने के बाद गैस की परेशानी देखने को मिलती है।

क्या करना चाहिए: इन फलों को पकाने या उबालने से फ्रुक्टोज को तोड़ने में मदद मिल सकती है, जिससे गैस बनने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा, कुछ व्यक्तियों के लिए बेरीज जैसे कम फ्रुक्टोज सामग्री वाले फल चुनना ज्यादा अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि,यह समस्या सभी लोगों में नहीं होती है।