May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 नवम्बर 2023। विधानसभा चुनाव- 2023 का मतदान 25 नवम्बर को होना है एवं मतदान के लिए आज से 19 दिन शेष रहें है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा प्रतिदिन विशेष कवरेज “सत्ता का संग्राम” टाइम्स के सभी पाठकों के लिए चुनाव की काऊंडाउन के साथ लगातार प्रस्तुत की जा रही है। प्रतिदिन शाम को एक अंदरखाने की खबर के साथ क्षेत्र की चुनावी चर्चा पाठकों के समक्ष रखी जा रही है और इसी क्रम में पढ़ें आज की विशेष टिप्पणी।

हवा है, हर दिन बदल रही है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा चुनावों की हवा है वह हर दिन बदल रही है। बाजार सहित मोहल्लों में चाय की दुकानों, चौराहों व चौकियों पर चलने वाली हथाईयों में इसी बदलती हवा की चर्चा रहती है। इन चर्चाओं में माकपा के कार्यकर्ता सम्मेलन के दिन माकपा भारी रही वहीं भाजपा के नामांकन के दिन हुई भीड़ ने हवा भाजपा की बता दी। रविवार को कांग्रेस प्रत्याशी बनने के बाद पहली बार श्रीडूंगरगढ़ आने पर मंगलाराम गोदारा के अभिनंदन में उनके सर्मथकों के साथ निकाले गए गाडियों के जुलूस में बड़ी संख्या होने के कारण चर्चाओं में हवा गोदारा की हो गई। ऐसे में सोमवार को होने वाले माकपा के रोड शो का सभी को इंतजार है। वहीं निर्दलीय प्रीति शर्मा की सभा व कार्यालय उद्घाटन भी खासी चर्चा हो रही है। लोगों में चर्चा है कि इस बार हवा के साथ मन बदलने वाले मतदाता ही परिणामों का रूख मोड़ने वाले साबित होगें। कोई प्रत्याशी अपनी हवा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा परंतु हवा तो हवा है और हर दिन बदल रही है।

भय बिन प्रीत ना होई गुंसाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ मे भाजपा प्रत्याशी के सामने बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में है एवं मैदान में नहीं आकर भी कई जनें प्रचार से दूर दूर नाराज भी खड़े नजर आ रहे है। इनमें अधिकाशं की शिकायत यही है कि भाजपा प्रत्याशी उनसे प्रीत नहीं निभा रहे। अब ये निर्दलीय खड़े तो हो गए एवं कई नाराज भी अपने घर बैठे है लेकिन अब इन्हें तुलसीदास जी की यह पंक्ति याद आ रही है कि भय बिन प्रीत ना होई गुंसाई। भाजपा प्रत्याशी द्वारा इन्हें अपने लिए किसी प्रकार का खतरा ही नहीं माना जा रहा है और ऐसे में इनके हिसाब से प्रीत निभाने के कोई विशेष प्रयास भी नहीं हो रहे है। हां जिनसे कोई घाटा हो रहा था उन्हें तो अधिकांश को साम-दाम-दंड-भेद के प्रयासों से मना लिया गया है और कई ऐसे भी जो इन प्रयासों के बाद भी नहीं माने तो उनसे होने वाले नुकसान के तोड़ ढूंढे जा रहें है। अब दिक्कत तो उनके हो गई जो मैदान में तो आ गए लेकिन उनसे कोई भय ही नहीं आ रहा।

तुरंत दान, महा कल्याण, रूक ही नहीं रहे विकास कार्य।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आचार संहिता में भले ही सरकारी कामों पर ब्रेक लगा दिया गया है लेकिन चुनावी समय में जनता के काम पहले से कहीं अधिक तेज गति से हो रहे है। क्षेत्र में तीनो ही प्रमुख दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं द्वारा पूरजोर ताकत के साथ जनता की सेवा करने के प्रयास हो रहें है। पांच सालों तक नेता जहां आश्वासनों का कारोबार चलाते है वहीं इन दिनों तुरंत दान, महाकल्याण की नीति अपनाए हुए है। यहां तक कि अभी तो सेवा का जज्बा ऐसा है कि ये नेता जनता के बीच खड़े होकर कार्य करवा रहें है एवं साथ ही यह भी कहते सुनाई दे रहे है कि हारें या जीतें, आपकी सेवा में तत्पर रहेगें। ऐसे में जनता में भी कई जनार्दन बन रहे है एवं क्षमता से अधिक कामों को निजी स्तर पर ही पूरे करने के वायदे भी ले रहे है। नेताओं की यह सक्रियता देख जनता तो बस यही कह रही है कि काश चुनाव कभी खत्म ही ना हों और उनके काम ऐसे होते रहें।

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