






श्रीडूंगरगढ टाइम्स 30 जुलाई 2020। सोशल डिस्टेसिंग अपनाना, मास्क का प्रयोग व कोरोना पॉजिटिव के संपर्क आने वाले को आगे आकर जांच करवाने की कोरोना साक्षरता गांव सातलेरा में आज नजर आई, इस जागरूकता की सराहना चिकित्सा विभाग ने भी की। सातलेरा के ग्रामीण कोरोना को लेकर पूर्ण सतर्क है वहीं कस्बे में बार बार प्रशासनिक अपील के बावजुद नागरिक कोरोना जांच के लिए सैंपल देने आगे नहीं आ रहे है। विभाग की टीम गुरूवार सुबह गांव मे पहुंची तो मात्र एक घंटे में ही 70 पंजीयन हो गए। ग्रामीण सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कतार में लगे रहें और कर कोरोना साक्षरता का परिचय दिया। क्षेत्र के गांव सातलेरा में मंगलवार को एक पॉजिटिव आने के बाद उसके संपर्क में आए ग्रामीणों के सैंपल लेने के लिए चिकित्सा विभाग ने आज गांव में ही विशेष जांच शिविर लगाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार चिकित्साकर्मियों की टीम 150 कोरोना जांच किट लेकर गांव में पहुंची तथा शिविर समय पूरा होने से पहले ही जांच किट समाप्त हो गयी। ग्रामीणों ने जांच के लिए दो तीन घंटे वहां बैठ कर इंतजार किया और फिर किट समाप्त होने से उन्हे बिना जांच करवाऐं ही लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने इस पर नाराजगी भी प्रकट की और चिकित्सा व्यवस्था पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गांव में पुनः जांच शिविर के आयोजन की मांग की। प्राप्त जानकारी के अनुसार पॉजिटिव आए मरीज के परिवारजन भी जांच करवाए बिना रह गए है। गांव में सरपंच प्रतिनिधि भीखाराम जाखड़, ग्राम प्रभारी बजरंगलाल, सामाजिक कार्यकर्ता गौरीशंकर तावणिया, सहित गांव के कई युवाओं ने ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने व गांव को सुरक्षित रखने की समझाईश की जिससे ग्रामीणों ने बिना किसी भय या हिचकिचाहट के आगे आकर सैंपल दिए। कस्बे के नागरिकों को भी कोरोना साक्षरता का परिचय देते हुए सभी सार्वजनिक स्थानों पर सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाना चाहिए व किसी संक्रमित के संपर्क में आने वालों को आगे आकर जांच करवानी चाहिए।





