






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 9 फरवरी 2024। आज से गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो रहें है और पंडित देवीलाल उपाध्याय ने श्रद्धालुओं के लिए नवरात्रि पर कुछ करने योग्य उपाय बताए है। उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष गुप्त नवरात्रि दिनांक 10 फरवरी 2024 शनिवार से आरंभ होकर दिनांक 18 फरवरी 2024 रविवार तक 9 दिन मनाई जाएगी। इस दौरान दिनांक 14 फरवरी 2024 बुधवार को बसंत पंचमी का भी पावन पर्व मनाया जाएगा। गुप्त नवरात्रि को शास्त्रों में मंत्र साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है। इस दौरान 1काली.2.तारा.3.छिन्नमस्ता 4.षोडशी. 5.भुवनेश्वरी.6.त्रिपुरभैरवी. 7.धूमावती. 8.बगलामुखी.9.मातंगी.10.कमला आदि महाविद्या की साधना की जाती है।
राजगुरु उपाध्याय के अनुसार गुप्त नवरात्र के दौरान श्रद्धापूर्वक दुर्गा सप्तशती, दुर्गा कवच, दुर्गा शतनाम आदि का पाठ एवं देवी मंत्र का जाप आदि उपाय करने से न केवल शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक बाधाओं से ही मुक्ति मिलती है बल्कि रोग, शोक का भी नाश होता है।
इसी क्रम में आचार्य रामदेव उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष गुप्त नवरात्रि पर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष योग भी बना रहे हैं जो अपने आप में महत्वपूर्ण है जैसे-
1.आनन्द योग- दिनांक 10 फरवरी शनिवार को नवरात्रि के प्रथम दिवस रात्रि 8:34 से आनन्दयोग आरंभ हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्र में आनंद योग को अति शुभ माना गया है। जो सम्पूर्ण रात्रि तक रहेगा।
2.त्रिपुष्कर योग- नवरात्रि की द्वितीय दिवस दिनांक-11 फरवरी रविवार को सायं 5:39 बजे से रात्रि 9:10 बजे तक त्रिपुष्कर नामक योग रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार त्रिपुष्कर योग में कोई भी कार्य करने से उसका तीन गुना फल प्राप्त होता है।
3.सर्वार्थसिद्धियोग- नवरात्रि के चतुर्थ दिवस दिनांक 13 फरवरी मंगलवार को प्रातः 7:19 से रात्रि 12:36 बजे तक सर्वार्थसिद्धि नामक शुभ योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस योग में कोई भी शुभ कार्य करने से निश्चित ही सिद्धि की प्राप्ति होती है।
4.बसंत पंचमी- नवरात्रि के पंचम दिवस 14 फरवरी को मां सरस्वती की जयंती के अवसर पर बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है । बसंत पंचमी पर्व मां सरस्वती की उपासना के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। इस दिन को अपने आप में स्वयंसिद्ध माना जाता है। बसंत पंचमी के दिन विद्यार्थियों को विद्या की प्राप्ति के लिए मां सरस्वती की विशेष आराधना करनी चाहिए। बसंत पंचमी का दिन विवाह, गृहप्रवेश, शिलान्यास आदि सभी शुभ कार्यों के लिए भी श्रेष्ठ माना जाता है।
5. नवरात्रि के छठे दिन दिनांक 15 फरवरी गुरुवार को पुनः सर्वार्थसिद्धि नामक योग बन रहा है यह योग प्रातः 07:18 बजे से आरंभ होकर प्रातः 09:26 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार को कुल 02घंटे 08 मिनट तक रहने वाले इस सर्वार्थसिद्धि योग का फल उपरोक्त बिंदु संख्या 3 के अनुसार जानें।
6.सर्वार्थसिद्धियोग एवं अमृतसिद्धियोग- नवरात्रि के आठवें दिन दिनांक 17 फरवरी 2024 शनिवार को अमृतसिद्धि नामक योग के साथ ही पुनः सर्वार्थ सिद्धि योग अर्थात् नवरात्रि के नौवे दिन 18 फरवरी रविवार को इन दोनों योगों का एक साथ संयोग भी अपने आप में अद्भुत संयोग माना जाता है। शनिवार को सर्वार्थसिद्धि एवं अमृत सिद्धि योग प्रातः 8:46 से आरंभ हो जाएंगे जो संपूर्ण रात्रि तक रहेंगे।
राजगुरु पंडित देवीलाल उपाध्याय
09414429246



