May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 फरवरी 2024। हर चेहरे पर खुशी, हर मन में आस्था एवं औरंगजेब को भी पर्चा देकर नतमस्तक करवाने वाले गौरवमयी इतिहास के साक्षी बनने का गौरवभान, शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ के हजारों लोगों को इन्हीं सब के साथ दमकते हुए देखा गया। मौका था पिछले 12 सालों से निर्माणाधीन चल रहे गांव लिखमादेसर के हंसोजी धाम मंदिर के लोकार्पण एवं मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह का। करोड़ों की लागत से बने इस मंदिर में पिछले सात दिनों से चल रहे धार्मिक आयोजनों की पूर्णाहूति भी शुक्रवार को समारोहपूर्वक हुई। इस दौरान विशिष्ट व्यक्तियों, दानदाताओं का सम्मान एवं संतों के प्रवचन भी हुए। शुक्रवार को शोभायात्रा निकाली गई एवं स्वामी जोगेन्द्राश्रम महाराज एवं परमहंस संत सोमनाथ महाराज के सानिध्य में विद्वान पंडितों ने वैदिक परंपराओं एवं आध्यात्मिक विधि विधान के साथ पूजन व हवन के साथ हंसोजी महाराज, धनराजनाथजी महाराज, गोरखनाथजी महाराज, सीता सती माता की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इससे पूर्व गणेश की स्थापना, शिखर झण्डा स्थापना, धर्म ध्वजा स्थापना, तोरण स्थापना, हवन पूर्णाहुति, महाप्रसादी आदि धार्मिक कार्यक्रम भी हुए। इस अवसर पर हजारों की संख्या में पहुंचें श्रृद्धालुओं ने जम कर गुरु जसनाथ जी एवं गुरू हंसोजी के जयकारे लगाए।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव लिखमादेसर के हंसोजी धाम में हुई सिद्ध पुरूषों की प्रतिमाएं स्थापित।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव लिखमादेसर के हंसोजी धाम में हुई सिद्ध पुरूषों की प्रतिमाएं स्थापित।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव लिखमादेसर के हंसोजी धाम में हुई सिद्ध पुरूषों की प्रतिमाएं स्थापित।

श्रीडूंगरगढ़ का पर्यटन स्थल बना लिखमादेसर।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 फरवरी 2024। गांव लिखमादेसर में हंसोजी महाराज के भव्यतम मंदिर के निर्माण के बाद क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन स्थल बढ़ गया है। ऐतिहासिक रूप से समृद्ध यह तपस्या स्थल ना केवल सिद्ध समाज बल्कि सभी समाजों के लोगों के लिए आस्था केन्द्र बन गया है। यहां पर धौलपूरी पत्थरों से 108 खंभों पर बनाए गए इस मंदिर में मनमोहक नक्काशियां ऊकेरी गई है एवं अनेकों मूर्तियों को भी ढ़ाला गया है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बना भव्य मंदिर, हजारों ने किए दर्शन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव लिखमादेसर में हंसोजी धाम बना क्षेत्र का धार्मिक पर्यटन स्थल।

 भागवत का हुआ समापन।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 16 फरवरी 2024। पिछले 10 फरवरी से चल रही भागवत कथा का समापन शुक्रवार को हुआ। इस मौके पर कथावाचक शिवेन्द्र स्वरूप महाराज ने परमार्थिक कार्यों का कभी समापन नहीं होने की बात कही और भक्ति करने को जीवन का मूल उद्देश्य बनाने की प्रेरणा दी। महाराज ने सांसारीक कार्य करने के बाद पश्चाताप हो सकने की बात कही लेकिन ईश्वरीय भक्ति, साधना, ध्यान, परोपकार के पश्चात् पश्चाताप नही वरन् आनन्द, आत्म संतोष की अनुभूति अवश्य प्राप्त होना बताया। संगीतमय कथा के दौरान हजारों की संख्या में श्रृद्धालू पहुंचें एवं आत्मविभोर होकर नाचे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। महाराज ने दिए प्रवचन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कथा समापन पर उमड़ी भीड़।