






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 अप्रैल 2024। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी 11 अप्रैल व 12 अप्रैल को गणगौर मेला समिति द्वारा धूमधाम से गणगौर मेले का दो दिवसीय आयोजन किया जाएगा। गाजे-बाजे व ऊंट-घोड़े के साथ हनुमान क्लब, आड़सर बास से गणगौर की शाही सवारी निकाली जाएगी। बड़ी संख्या में महिलाएं गणगौर लेकर यात्रा में शामिल होगी। यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए नेहरू पार्क पहुंच कर पूर्ण होगी। यात्रा में भाग लेने वाली सभी महिलाओं के लिए नेहरू पार्क में हाईटी की नौ स्टालें लगाई जाएगी। जिन पर सभी युवतियों व महिलाओं को समिति की ओर से नि:शुल्क हाई टी खिलाई जाएगी। बता देवें आयोजन को भव्य बनाने के लिए मेला समिति द्वारा विभिन्न तैयारियां की जा रही है।
1000 साड़ियां होगी वितरित।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गणगौर की शाही सवारी में भाग लेने के लिए महिलाओं को 1000 साड़ियां वितरित की जाएगी। साड़ी प्राप्त करने के लिए आड़सर बास की महिलाएं संस्कार इनोवेटिव स्कूल के मनोज गुसाई 9414417541 पर संपर्क कर आधार कार्ड की प्रति देकर प्राप्त कर सकेंगी। कालूबास में सुशील जोशी 9414416542, नंदलाल राठी 9660735370, बिग्गाबास में मिनाक्षी डागा 9351616927, विजयराज सेवग 8949657235, मोमासर बास के लिए देवीलाल उपाध्याय 9414429246, नेता प्रतिपक्ष अंजू पारख 7425979227 पर संपर्क कर सकती है। इसके अलावा महिलाएं मुख्य बाजार में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के कार्यालय में कपिला स्वामी को भी (9414917401) आधार कार्ड की प्रतिलिपि जमा करवा सकते है।
सतयुग में ईसर परण्यो गवरजा ने..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मेला समिति द्वारा 101 युवतियों को गणगौर, ईसर व भायाजी नि:शुल्क वितरण किए गए है। समिति अध्यक्ष सीताराम मोदी, मंत्री श्यामसुदंर पारीक, कोषाध्यक्ष ललित बाहेती, व्यवस्थापक मनोज गुसाई व हिसाब निरीक्षक गोपाल राठी द्वारा मेला आयोजन की भव्य तैयारियां की जा रही है। 12 अप्रैल को नेहरू पार्क में शाम 5 बजे गणगौर के फेरे का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान गणगौर सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा जिसमें प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्काान सहित शानदार गिफ्ट हैम्पर सहित सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। समिति के व्यवस्थापक देवीलाल उपाध्याय ने बताया कि गणगौर, ईसर व भायाजी को शिव गौरा व गणेश के रूप में पूजा जाता है। गणगौर पूजन के साथ सुहागिन स्त्रियां अपने पति के दीर्घ आयु व सुख समृद्धि की कामना करती है वहीं युवतियां अच्छे पति की कामना के लिए पूजन करती है। राजस्थानी संस्कृति में महिलाएं हर्षोल्लास के साथ ये उत्सव की तरह इस पूजन में भाग लेती है। मेला समिति का उद्देश्य है कि हर घर तक गणगौर पूजन की परंपरा बनी रहें। इसीलिए इसे प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न आयोजन करवाए जाते है।
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