May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 अप्रैल 2024। गांव पूनरासर में सिद्ध एवं जसनाथी परंपरा के प्रसिद्ध संत पालोजी महाराज के अंतर्ध्यान दिवस पर अनेक आयोजन संपन्न हुए। पालोजी मंदिर प्रांगण में मानवता की सेवा के लिए रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। वहीं प्रकृति की सेवा के लिए फलदार पौधों का वितरण किया गया। महंत प्रेमनाथ सिद्ध ने बताया कि 114 उत्साही युवाओं ने रक्तदान किया और पर्यावरणविद् श्यामसुंदर ज्याणी के राम रूंख अभियान के तहत 5100 फलदार पौधे रूंख प्रसाद के रूप में वितरित किए गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पालोजी की गुदड़ी के दर्शन किए। बीती रात बाड़ी में जागरण का आयोजन हुआ और सुबह विधि विधान से पूजन के बाद सैंकड़ो दर्शनार्थियों ने पालोजी महाराज की गुदड़ी के दर्शन किए। इस दौरान महंत प्रेमनाथ व प्रोफेसर श्यामसुदंर ज्याणी ने संत पालोजी के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए मानवता व प्रकृति के संरक्षण का संकल्प सैंकड़ो ग्रामीणों को दिलवाया।
रक्तदाताओं का किया सम्मान, भामाशाहों का जताया आभार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंदिर प्रांगण में ही सुबह 9 बजे महंत प्रेमनाथ ने रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। दोपहर तीन बजे तक 114 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। पीबीएम की रक्तसंग्रहण टीम ने रक्त संग्रहण किया। टीम के डॉ कुलदीप मेहरा ने रक्तदान का महत्व बताते हुए इसे मानवता की सच्ची सेवा बताया। दल के सभी सदस्यों को स्मृति चिह्न भेंट कर आयोजकों द्वारा सम्मान किया गया। सभी रक्तदाताओं को आयोजक मंडल द्वारा सम्मानित किया गया। रक्तदान शिविर के भामाशाह नेमनाथ, चुननाथ, नौरंगनाथ, हरिदास स्वामी रहें और भामाशाहों का सभी ने आभार जताया। शिविर में गोरखनाथ, ओमप्रकाश सिद्ध, बलवीर, मनोज, रूघनाथ, पुरनाथ, प्रभुनाथ, लक्ष्मणसिद्ध, जगदीशनाथ, भागीरथ, चुननाथ, श्याम पारीक, सांवतनाथ, रामप्रसाद सिद्ध, रामनिवास, रूपनाथ, प्रेमाराम हुड्डा, लाला स्वामी सहित अनेक युवाओं ने अपनी सेवाएं दी। कार्यक्रम में पूनरासर गांव के अनेक मौजिज लोग शामिल हुए।
ज्याणी ने बताई जसनाथी परंपरा, प्रकृति संरक्षण से जुड़ने की दी प्रेरणा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रोफेसर श्यामसुदंर ज्याणी कहा कि पालोजी महाराज ने पूनरासर से लेकर जालौर तक जाल वृक्ष रोपण करवाए, जल संरक्षण के लिए तालाब खुदवाए। उन्होंने अकाल में लोगों को भूख से मरने से बचाया और आज दुनिया पर जो जलवायु संकट गहराता जा रहा है। इससे मुकाबले के लिए जसनाथजी की पर्यावरीय शिक्षाओं को अपनाने की ही जरूरत है। ज्याणी ने पारिवारिक वानिकी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये हरित बदलाव का एक ऐसा सिलसिला है जिसमें आम जनशक्ति सीधे पर्यावरण संरक्षण से जुड़ रही है। पूनरासर में पौधे वितरण का कार्य सांचौर निवासी हिमताराम ज्याणी के सहयोग से संपन्न हुआ। युवा दुर्गाराम ज्याणी, देव जसनाथ वन मंडल उपाध्यक्ष बीरबलनाथ जाखड़, जसराज गोदारा, देवेंद्र जाखड़, शिवनाथ गोदारा, श्रवण कूकना, राजू नाथ कूकना, हरि किशन पारीक, श्याम साँई, पूरनाथ, सावंतनाथ, लालनाथ, ओमनाथ ज्याणी व पूनरासर की युवा टीम द्वारा वितरित किए गए।
चमत्कारी गुदड़ी के वर्ष में एक बार होते है दर्शन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूनरासर के प्रसिद्ध पालोजी धाम में गुरू पालोजी महाराज के हाथों से बनाई हुई गुदड़ी को जसनाथी परंपरा के लोग व ग्रामीण पवित्र व चमत्कारी मानते है। महंत प्रेमनाथ ने बताया कि करीब 550 वर्ष पुरानी गुदड़ी के वर्ष में एक बार ही दर्शन करवाए जाते है। चैत्र नवरात्र की सप्तमी को पालोजी महाराज का अंतर्ध्यान दिवस है और इसी दिन पूजा पाठ के बाद गुदड़ी दर्शन के लिए रखी जाती है। बड़ी संख्या में लोग दर्शन कर अपनी मन्नतें मांगते है। यहां रात्रि जागरण में शब्द गायन मंडली में संत शीतलनाथ महाराज, संत प्रेमनाथ, महंत प्रेमनाथजी महाराज, सुगनाथ टाण्डी, श्रीरामनाथ, रामेश्वरनाथ, कुमनाथ, लालनाथ शामिल रहें। वहीं जागरण में अग्निनृत्य में कलाकार हरिओम नाथ, किशनराम ज्याणी, जसनाथ गोदारा, जगदीश नाथ, मुखराम नाथ, काननाथ, लक्ष्मणनाथ ने प्रस्तुति दी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पालोजी महाराज की गुदड़ी के दर्शन करने पहुंचे सैंकड़ो जसनाथी व श्रद्धालु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सभी रक्तदाताओं का आयोजक मंडल ने सम्मान किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रोफेसर श्यामसंदुर ज्याणी व जैमासर के बीरबलनाथ ने किया रक्तदान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। 5100 पौधों का वितरण किया गया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़ी संख्या में पूनरासर सहित दूर दूर से ग्रामीण पहुंचे पालोजी मंदिर प्रांगण में, लिया संकल्प।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रात्रि जागरण में अग्नि नृत्य किया कलाकारों ने, संतो ने गाए सबद।