May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 जून 2024। पुरानी लाइन से भारी ऊर्जा क्षति के साथ ही सैंकड़ो किसानों को पर्याप्त बिजली नहीं मिलने से वे भारी नुकसान झेलने को मजबूर है। गांव जैतासर, तोलियासर व ठुकरियासर के ग्रामीण आज बिजली विभाग पहुंचे और अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन देने के साथ अपना दु:ख दर्द सुनाते हुए समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने 132 केवी जीएसएस श्रीडूंगरगढ़ से 33/11 सबस्टेशन गांव जैतासर तक 7 किलोमीटर की नई 33 केवी लाईन खिंचने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया ये लाइन 132 केवी जीएसएस श्रीडूंगरगढ़ से जैतासर, तोलियासर होती हुई गांव ठुकरियासर तक जाती है। ग्रामीणों ने बताया कि ये लाइन 25 वर्षों से अधिक पुरानी है, इस लाइन पर 300 से 400 ऐम्पियर करंट चलता है जिसके कारण ज्यादा वोल्टेज ड्रॉप होता है, जिसके कारण ठुकरियासर प्रथम व द्वितीय के अंतिम छोर के कृषि कुओं पर पर्याप्त वोल्टेज नहीं मिलते है। वोल्टेज अधिक होने व वोल्टेज ड्रॉप अधिक होने के कारण तार नीचे झूल गए है और पेड़ो से टकराकर लाइन ट्रिप हो जाती है। ये लाइन वर्षा व कोहरे में इंसुलेटरों में नमी हो जाती है और पुरानी लाइन में बार बार फाल्ट आते है। किसानों ने शिकायत करते हुए कहा कि इस लाइन में कभी भी 24 घंटे सप्लाई नहीं चलती है और प्रतिदिन ट्रिपिंग होती है।

उपेक्षित व्यवहार का आरोप, समाधान की उठाई मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसानों व ग्रामीणों ने अधिकारियों पर इन गांवो के साथ उपेक्षित व्यवहार करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि इस लाइन पर चार 33/11 सबस्टेशन है। जिनमें जैतासर क्षमता 8.15 एमवीए, तोलियासर क्षमता 3.15 एमवीए, ठुकरियासर प्रथम व द्वितीय क्षमता 6.30 एमवीए है और कुल क्षमता 17.60 एमवीए है जो कि एक 132 केवी जीएसएस स्वीकृत करने योग्य है। किसानों ने कहा कि इस क्षमता पर क्षेत्र के गांव रीड़ी, कितासर व ऊपनी में करीब 10 साल पहले ही जीएसएस बन गए जबकि उनके यहां भी लगातार बढ़ रही खपत को देखते हुए 132 की जरूरत है।
ऊर्जा की क्षति, लोड बांटने की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। तीनों के ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन देते हुए कहा कि इस लाइन का तार, तार नहीं रहा है और ज्यादा लोड के कारण लोहे के तार में बदल गया है। इससे ऊर्जा की भारी क्षति भी हो रही है। यहां 132केवी जीएसएस श्रीडूंगरगढ़ पर 33 केवी की एक तैयार स्पेयर पड़ी है, उसे 132 से जैतासर की पुरानी लाइन के समानान्तर 7 किमी की एक लाईन खिंचने में उपयोग लिया जाए। नई लाईन पर जैतासर, तोलियासर का लोड जुड जाएगा व पुरानी लाइन पर ठुकरियासर प्रथम व द्वितीय का लोड ही रहेगा। लोड बंटने से वोल्टेज ड्राप से राहत मिलेगी और किसानों को पर्याप्त बिजली मिल सकेगी।