






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 अगस्त 2024। पिछले मंगलवार को क्षेत्रिय विधायक ताराचंद सारस्वत के अभिनदंन में एकजुटता का दावा करने वाला सैन समाज आज एक सप्ताह बाद ही दो गुटों में बंटा दिख रहा है। यहां विधायक अभिनंदन कार्यक्रम के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था एवं वर्तमान अध्यक्ष से नाराज समाज के लोगों ने समाज की आम बैठक 20 अगस्त को बुलाने की घोषणा कर दी। आज मंगलवार को सेन मंदिर में आयोजित बैठक में एक और जहां पूर्व विधायक किशनाराम नाई भी शामिल हुए एवं समाज के वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश फुलभाटी की जगह आगामी अध्यक्ष एडवोकेट मनोज नाई को बनाने का प्रस्ताव रखा। इस पर मौजूद लोगों ने सर्मथन किया एवं बैठक में मनोज नाई को अध्यक्ष बनाने की घोषणा कर पूर्व विधायक वहां से चले गए। लेकिन वहीं दुसरी और ग्रामीण क्षेत्रों से बैठक में पहुंचे लोगों ने इस बात का विरोध किया व अध्यक्ष निर्वाचन आगामी सेन जयंती पर ही होने की परम्परा का निर्वहन करने को कहा। समाज में अब एक गुट मनोज नाई को अध्यक्ष मान रहा है वहीं दुसरा गुट निवर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश फुलभाटी को ही अध्यक्ष मान रहा है। वहीं इस संबध में निवर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश फुलभाटी से सम्पर्क का प्रयास किया गया तो उनका फोन स्वीचआफ आया।
नाई गुट का दावा वर्तमान अध्यक्ष ने स्वंय पहनाया साफा, फोटो भी किए शेयर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बैठक में पूर्व विधायक किशनाराम नाई ने जब एडवोकेट मनोज नाई का नाम अध्यक्ष पद हेतू प्रस्तावित किया तो सर्वसम्मति से प्रस्ताव माना गया एवं वर्तमान अध्यक्ष ओमप्रकाश फुलभाटी ने स्वंय स्वीकार करते हुए मनोज को साफा एवं माला पहनाई थी। यह दावा नाई गुट के लोगों ने किया है एवं इस संबध में फोटो एवं विडियो भी शेयर किए है। इसके बाद मनोज को बधाईयां दी गई।
दुसरे गुट ने कहा कि चुनाव का मुद्दा ही नहीं था, बैठक का बहिष्कार किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बैठक में ग्रामीण क्षेत्र से आए समाज के लोगों ने इस बैठक में चुनाव का मुद्दा ही नहीं होने की बात कही है एवं कुछ लोगों द्वारा हडबड़ी में अपने हिसाब से निर्णय लेकर वायरल करने की बात कही है। इस गुट के लोगों ने बताया कि बैठक की सूचना जब दी गई तो उसमें समाज के उत्थान, हितार्थ कार्यों एवं आगामी विकास कार्यों पर चर्चा की ही सुचना थी। ऐसे में बैठक में चुनाव का एंजेडा ही नहीं था तो ऐसे आकस्मिक चुनाव संभव नहीं है। चुनाव आगामी सेन जयंती पर ही होगें एवं तब तक ओमप्रकाश फुलभाटी को ही अध्यक्ष माना जाएगा। इस गुट ने अपने हस्ताक्षरित कागज पर इस बैठक के बहिष्कार की सूचना भी वायरल की है।









