






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 अक्टूबर 2024। संपत्ति विवाद के अनेक प्रकरण लगातार क्षेत्र में सामने आ रहें है। कस्बे में आड़सर बास निवासी व घुंघीकटरा मिर्जापुर निवासी 76 वर्षीय विजयराज पुत्र दिवंगत पृथ्वीराज बरड़िया ने अपने परिजन चैनरूप पुत्र मोतीलाल बरड़िया, उसकी पत्नी संतोष देवी व पुत्री गंगाशहर निवासी जतन पत्नी विक्रम बाफना सहित मोमासर बास निवासी संजूदेवी मोदी, बजरंगलाल पुत्र मोदी तथा तोलियासर निवासी भागीरथ जाट के खिलाफ आरोप लगाए है। परिवादी ने थाने पहुंच कर पुलिस को बताया कि उसके दादा हजारीमल बरड़िया व चैनरूप के पड़दादा धर्मचंद बरड़िया के संपत्तियों को लेकर हिस्सा पांति हुई थी। जिसमें कस्बे के बाजार में स्थित दो दुकानों में से उत्तरी तरफ की दुकान परिवादी के दादा हजारीमल के हिस्से में आई वहीं दक्षिण की दुकान चैनरूप के पड़दादा धर्मचंद के हिस्से में रखी गई। जिसकी लिखापढ़ी 18 जून 1919 को तहसील कार्यालय में हुई। चैनरूप के पिता भीकमचंद ने अपने पिता धर्मचंद की दुकान को चंद्रावल पत्नी रावतमल ओसवाल नौलखा को बेच दी। विक्रय पत्र में आसा पासा में उत्तरी दुकान उसके पिता पृथ्वीराज बरड़िया अंकित किया गया है। चंद्रावल नौलखा ने इस दुकान को 1975 में चैनरूप बरड़िया को बेच दी। इसमें भी उसकी दुकान का उल्लेख है। ये दुकान 100 से भी अधिक वर्षों से परिवादी के कब्जे में चली आ रही है। परिवादी ने इसे किराएदार लक्ष्मीनारायण झालरिया व नंदलाल से खाली करवाने के लिए भी कोर्ट में वाद दायर किए थे। आरोपी चैनरूप ने परिवादी की दुकान को अपनी बेटी जतन के नाम फर्जी तरीके से 6 जून 2024 को गिफ्टडीड कर ली। जतन बाफना ने परिवादी की दुकान को धोखे से 23 अगस्त 2024 को संजूदेवी को बेच दी। जिसमें भागीरथ व बजरंगलाल मोदी गवाह बन गए। परिवादी ने धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एसआई धर्मपाल को सौंप दी है।




