






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 मार्च 2025। बीदासर रोड पर स्थित तेजा मंदिर में जाट समाज की विशाल बैठक का आयोजन किया गया। महर्षि दयानंद छात्रावास एवं तेजा मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित बैठक में समाज के अनेक प्रबुद्धजन शामिल हुए। बैठक में तेजा मंदिर निर्माण पूर्ण करवाने के लिए पुरानी घोषणाओं से बकाया लिया गया। वहीं अनेक नए दानदाताओं ने सहयोग की घोषणा की। मंदिर का कार्य पूर्ण होने के बाद कन्या छात्रावास का निर्माण कार्य पूर्ण करवाने की बात रखी गई। मंदिर में तेजाजी महाराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। चर्चा में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह से संबंधित एक और बैठक का आयोजन किए जाने, इसके पश्चात जाट धर्मशाला के पुन:र्निमाण पर भी विचार करने की बात रखी गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक मंगलाराम गोदारा ने समाज के युवाओं को समाजहित में आगे आने का आह्वान किया। गोदारा ने कहा कि युवा कंधों की ऊर्जा समाज के विकास को नई गति दे सकेंगे और सभी वरिष्ठजन उनका मार्गदर्शन करें। गोदारा ने जाट समाज में शिक्षा व महिला उत्थान पर विशेष रूप से ध्यान दिए जाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि केवल जाट ही नहीं अपितु किसी भी समाज के जरूरतमंद परिवार को जो भी सहयोग दिया जा सकें वो जरूर देवें। गोदारा ने सभी समाज बंधुओं का आभार जताया। इस दौरान किशनाराम गोदारा ऊपनी, पूर्व सरपंच श्रवणराम जाखड़, तुलछीराम गोदारा, हेतराम जाखड़, पूनमचंद नैण, विवेक माचरा, सरपंच जसवीर सारण, सरपंच प्रतिनिधि गोरधन खिलेरी, श्रवण भामूं, सुभाष पुनियां, आदूराम जाखड़, लक्ष्मण खिलेरी, मोडाराम माहिया, दिलीप सेरडिया, संतोष गोदारा धोलिया, कोडाराम भादू व केशुराम कस्वां ने अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने समाज के युवाओं को नशे की लत से दूर रहने की अपील भी की। कार्यक्रम का संचालन मास्टर प्रभुराम बाना ने किया। बैठक में पूर्व प्रधान भागूराम सहू, चांद चाहर,मास्टर सत्यनारायण बाना, गंगाराम बाना, मेघराज चोटिया, रामचन्द्र चोटिया,किशन गोदारा, मूलाराम थोरी, बीरबल देहडु, ओमप्रकाश बाना,हेतराम जाखड़, खीयाराम गोदारा, आईदान गोदारा, श्रीराम भादू, रमन गोदारा, प्रकाश दुसाद, मोहन गोदारा, राजेश मंडा, दुर्गाराम माहिया, उदयभान शेरदिया दानाराम सेरढ़ियां, सीताराम बाना, सीताराम सिंवर, संतराम ज्याणी, आशुराम तराड़, नेताराम गोदारा, रामकिशन गावड़िया, भंवरलाल पुनिया, हुंताराम जाखड़, मोहन लाल भादू, लालचंद वकील, गोपीराम जानू , सोहन नैण, नानूराम नैण, हेमाराम खिलेरी, भीखाराम जाखड़, लालचंद कड़वासरा, रेवंतराम भामु, रामेश्वर डोटासरा, धर्मपाल बांगड़वा, घनश्याम मुंड,नौरंग चाहर, मानक सियाग,रूपराम सियाग, मोहनलाल गोदारा, लक्ष्मण राम जाखड़, रूपाराम पुनिया, मामराज गोदारा, लिच्छूराम तरड़, कुंभाराम गोदारा, केसराराम कड़वासर, विभिन्न गांवो से अनेक मौजिज लोगों ने अपनी भागीदारी निभाई।







