






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 अप्रैल 2025। आजकल अकसर लोग केवल नगद राशि नहीं लेकर बिना दहेज का विवाह करने की बात प्रचारित करते नजर आते है, ऐसे में गांव आड़सर पुरोहितान के उपाध्याय परिवार ने बिना दहेज विवाह का सच्चा आदर्श प्रस्तुत किया है। पूर्व सरपंच शुभकरण उपाध्याय के भाई दुलीचंद उपाध्याय ने अपने पुत्र ने अपने पुत्र कमलकांत का विवाह बेलासर निवासी नरेंद्र जाजड़ा की पुत्री ज्योति से पूर्णतया बिना दहेज के विवाह 16 अप्रैल को संपन्न करवाया है। वधू के साथ केवल एक रूपया व नारियल वर ने स्वीकार किया तो वधू पक्ष के परिजनों ने वर वधू को सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दी। परिवार की बुजुर्ग सदस्य वर की दादी सावित्रीदेवी ने कहा कि वधू ही घर की लक्ष्मी है और आज के समय में संस्कारी वधू मिल जाना ही सबसे बड़ा दहेज है। अखिल भारतीय गुर्जर गौड़ ब्राह्मण युवक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जोशी की प्रेरणा से ये विवाह संपन्न हुआ। जोशी ने कहा कि अकसर लोग नगदी नहीं लेते और सामान उठवा लेते है केवल नगदी ना लेकर बिना दहेज का विवाह कह देते है, ऐसे में गुर्जर गौड़ समाज में ये विवाह वास्तव में समाज को एक नई दिशा देगा। समाज के मौजिज लोगों ने इसे प्रेरणीय विवाह बताया। गांव में विवाह की सराहना हो रही है व समाज में भी चर्चा का विषय बन गया है।




