






श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में परिसीमन पर आपत्ति के अंतिम दिन तक आई कुल 38 आपत्तियां।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 मई 2025। परिसीमन के नए प्रस्तावों पर आपत्ति के लिए मंगलवार 6 मई अंतिम दिन था। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र से संबंधित 21 आपत्तियां जिला कलेक्टर को प्राप्त हुई है। वहीं कुल आपत्तियां विभाग को 38 प्राप्त हुई है। बता देवें आपत्ति दर्ज करवाने का समय आज समाप्त हो गया है। अब आगामी 7 दिन (7 मई से 13 मई) के समय में जिला प्रशासन की अगुवाई में इन आपत्तियों पर विचार मंथन किया जाएगा। उसके पश्चात 14 मई से 20 मई के 7 दिन में सभी प्रस्ताव पंचायती राज विभाग को भिजवा दिए जाएंगे। 21 मई से 4 जून 2025 के बीच राज्य स्तर पर इनका निस्तारण कर दिया जाएगा। फाइनल सूचियों का प्रकाशन जयपुर से ही होगा।
सूडसर को पंचायत समिति बनाने की मांग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आपत्ति के अंतिम दिन मंगलवार को राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के शिक्षक प्रकोष्ठ वरिष्ठ प्रदेशाध्यक्ष कोडाराम भादू सहित एक प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सूडसर को पंचायत समिति बनाने की मांग रखी। भादू ने बताया कि सूडसर एक बड़ा कस्बा है। जिसमें सूडसर, टेऊ, दुलचासर देराजसर सहित पांच ग्राम पंचायतों सहित कई सरकारी विभागों के कार्यालय, बिजली का 132 केवी सब स्टेशन, पीएचसी, रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, बैंक, पटवार मंडल, पटवार सर्किल, पुलिस चौकी, उपतहसील कार्यालय, कृषि मंडी तक स्थित है। यहां से यातायात के रेल व सड़क दोनों तरह के साधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। भादू ने कहा कि भौगोलिक दृष्टि से सूडसर को पंचायत समिति बनाने का प्रस्ताव भिजवाया जावें।

पूजा और कमल को मिले लाखों के गहने, लौटा कर पेश की मिसाल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 मई 2025। वर्तमान समय में चोरी चकारी ही नहीं धोखाधड़ी के अनेकानेक मामले प्रतिदिन सामने आ रहें है। ऐसे में किसी को लाखों के गहने मिले और वो उसे बिना छुए लौटा दे तो निश्चित तौर पर मानवता पर बिखर रहा विश्वास पुन: कायम हो जाता है। कस्बे की पूजा पुत्री नारायण सुनार (विधानसभा प्रत्याशी) व कमल सोनी मंगलवार सुबह महाराणा प्रताप स्कूल की गली से जा रहें थे। तभी उन्हें एक पैकेट मिला जिसमें 5 अंगूठियां व 1 पैंडल सेट था। इसकी कीमत करीब ढाई लाख से अधिक थी। गहनों के साथ मालिक की जानकारी भी उन्हें मिल गई। दोनों ने बिना किसी संशय के तुरंत सामान मालिक तक गहने पहुंचाने का निर्णय लिया। दोनों अंकूर सोनी की दुकान पहुंचे और सही सलामत सामान उसके सुपुर्द कर दिया। जिसने भी घटना को सुना उसी ने पूजा व कमल की सराहना करते हुए इसे मानवीय मूल्यों के संवर्द्धन में श्रेष्ठ कार्य बताया।





