






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 मई 2025। तेरापंथ धर्मसंघ 11वें आचार्य, आचार्यश्री महाश्रमण के जन्मोत्सव, पट्टोत्सव एवं दीक्षा दिवस के मौके पर वैशाख माह में गुरूभक्ति का त्रिवेणी संगम मनाया गया है। दिक्षा दिवस के मौके पर अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के आह़्वान पर स्थानीय मंडल द्वारा भी विशेष कार्यक्रम में रविवार सुबह तेरापंथ सेवाकेन्द्र में साध्वीश्री संगीतश्री एवं साध्वी परमप्रभा के सानिध्य में आयोजित किया गया। मंडल अध्यक्षा सुनिता डागा ने बताया कि 6 मई को आचार्यश्री का जन्मोत्सव था एवं उस मौके पर आओ हम जीना सीखें पुस्तक का स्वाध्याय किया गया एवं 7 मई को पट्टोत्सव साधना करते हुए एकांत तपस्याएं की गई। आज 11 मई को दिक्षा दिवस के मौके पर दो घंटे के मौनव्रत से अंतर्मुखी होकर आत्मचिंतन किया गया। इसके बाद आयोजित तीनों दिवसों के इस सामूहिक कार्यक्रम में साध्वीवृंदों से प्रेरणा पाथेय प्राप्त किया गया। साध्वीश्री ने आचार्यश्री महाश्रमण के जीवन को विराट एवं मानव मात्र के लिए कल्याणकारी बताते हुए उनके निर्देशन में आत्म साधना को सौभाग्य की बात कही। मंगलाचरण से शुरू कार्यक्रम में कुसुम जैन, वंदना महनोत ने गीतीका प्रस्तुत की एवं शासनश्री साध्वी विवेकश्री, दीपयशा, संपतप्रभा, कमलविभा, ललिताश्री, ललितरेखा ने गीतिका और भावभिव्यक्ति के माध्यम से आचार्यश्री के प्रति अपनी श्रृद्धा जताई। कार्यक्रम संयोजन महिला मंडल की अम्बिका ड़ागा ने किया एवं कार्यक्रम के दौरान ज्ञानशाला द्वारा युवराज चौपड़ा ने, महिला मंडल की और से मधु देवी झाबक ने, युवक परिषद की और से मनीष पटावरी, जैन सभा की और से संजय बरड़िया ने विचाराभिव्यक्ति दी। महिला मंडल द्वारा आयोजित इस धर्मसभा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित रही एवं गुरूभक्ति के त्रिवेणी संगम में श्रृद्धा के साथ डुबकी लगाई।





