






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 29 जून 2025। पर्यावरणविद प्रो श्यामसुदंर ज्याणी के सान्निध्य में गांव लोढेरा में विशाल पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसमें ग्रामीणों ने एकजुटता की मिसाल पेश की है। गांव के प्रत्येक परिवार ने आयोजन में भागीदारी निभाई और श्मशान भूमि की 8 बीघा जमीन पर 1100 पौधे लगाए। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा भूमि संरक्षण के सर्वोच्च सम्मान “लैंड फॉर लाइफ अवार्ड से सम्मानित पर्यावरणविद् प्रोफ़ेसर श्यामसुंदर ज्याणी ने गांव की सराहना करते हुए कहा कि लोढेरा पर्यावरणीय एकता की मिसाल बन गया है। यहां चौधरी चरण सिंह पारिवारिक वानिकी मिशन जनआंदोलन के रूप में नजर आया है। ज्याणी ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की वर्ष 2027 में 125वीं जयंती को समर्पित एक राष्ट्रीय स्तर की पहल के तहत विशाल सामुदायिक पौधारोपण कार्यक्रम संपन्न हुआ। गांव की 8 बीघा श्मशान भूमि पर चौथा चौधरी चरण सिंह स्मृति संस्थागत वन विकसित करने की पहल की गई है। ग्रामीण परिवारों ने पौधे लगाए और उन्हें परिवार का हरित सदस्य माना। पर्यावरण प्रेमियों ने खेजड़ी, गुंदी, करंज, आवंला, पीपल, बड़, नीम, शहतूत, अमलतास, जामुन, गुलमोहर, सहजन, बोगनबेल, बकायन, शीशम आदि के 1100 पेड़ों का रोपण किया। कार्यक्रम में ज्याणी ने जलवायु परिवर्तन सहित पर्यावरण असंतुलन के विभिन्न पक्षों, उनके संरक्षण में स्थानीय वनस्पति के योगदान, चौधरी चरण सिंह के गांव-किसानों की बेहतरी हेतु किए गए प्रयासों, उनके जीवन मूल्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। जाट ट्रस्ट लूणकरणसर के अध्यक्ष मोटाराम चौधरी ने लोडेरा के हरित जज्बे की सराहना करते हुए इस गांव से प्रेरणा लेकर अन्य गांवो को भी चौधरी चरण सिंह की स्मृति में वन खंड विकसित करने का कार्य करने की बात कही। पर्यावरण प्रेमी खुमानाराम सारण ने बताया कि गत 15 दिनों में पूरे गांव के युवाओं ने बिना किसी सरकारी सहायता के दिन -रात एककर भूमि को समतल किया व विशाल वृक्षारोपण कार्य संपन्न किया। कार्यक्रम में इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की एनपीयू स्टूडेंट एंबेसडर अवनी ज्याणी, कविता ज्याणी, बजरंग भाम्भू, पुखराज ज्याणी, जगदीश ज्याणी सहित पूरा गांव उत्साह के साथ शामिल हुए।
प्लास्टिक मुक्त गांव का लिया संकल्प।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कविता ज्याणी ने कार्यक्रम में प्लास्टिक के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी तो गांव की ग्रामीणों ने प्लास्टिक बहिष्कार का संकल्प लिया। इस दौरान गांव की महिलाओं ने भी घर में प्रयोग ली जाने वाली वस्तुएं का प्रयोग बंद करने व धीरे धीरे उनका विकल्पों का प्रयोग प्रारंभ करने की बात कही। ज्याणी ने उन्हें प्लास्टिक की चाय छलनी का उपयोग तुंरत बंद करने की बात कही। कार्यक्रम में स्टेनलेस स्टील की छलनियां भी वितरित की गई।








