






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जुलाई 2025। गुरू पूर्णिमा महोत्सव पर कस्बे के सबसे बड़े हनुमान मंदिर हनुमान धोरा मंदिर प्रांगण में सुबह से लेकर रात तक लगातार श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर प्रांगण में दिन भर विभिन्न भक्ति कार्यक्रम चले एवं इस दौरान मंदिर प्रबंधन एवं मोहल्लेवासियों द्वारा अभिनंदन समारोह भी आयोजित किया गया। पढ़ें बाबा के दरबार से पूरी खबर।
दिन भर चले अनेकों आयोजन, हजारों ने लगाई धोक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हनुमान धोरा मंदिर में गुरू पूर्णिमा के मौके पर दिन भर विभिन्न धार्मिक आयोजनों का दौर चलता रहा। पुजारी श्रीभगवान सिखवाल ने बताया कि महर्षि श्रृंगी ऋषि की जंयती एवं गुरू पूर्णिमा के अवसर पर सुबह रुद्रा अभिषेक के साथ कार्यक्रमों का दौर शुरू हुआ एवं महाआरती के बाद सवामणी का महाप्रसाद भी आयोजित किया गया। दिन भर गुरू पूजन एवं सत्संग का दौर चला एवं शाम को संगीतमय सुंदरकांड के पाठ किए गए। जय हनुमान सुंदरकांड मंडली द्वारा सुंदरकांड के साथ साथ भजनों की विशेष प्रस्तुतियां दी गई। श्रद्धालुओं ने खूब बाबा के जयकारे लगाए।
अभिनंदन समारोह भाई के दरबार में हुआ बहिन का सम्मान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरू पूर्णिमा महोत्सव के दौरान हनुमान धोरा मंदिर प्रांगण में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें मंदिर की हनुमानजी प्रतिमा को प्रतिवर्ष राखी बांध कर भाई माने वाली श्रृद्धालु एवं गत यूपीएसई परीक्षा में चयनित होने वाली कस्बे की बेटी ममता जोगी और बीकानेर प्रेस क्लब के महासचिव विशाल स्वामी का सम्मान किया गया। मोहल्लेवासियों, श्रृद्धालुओं एवं पुजारी परिवार द्वारा जोगी व स्वामी का माल्यापर्ण किया गया एवं साफा पहना कर, अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर जोगी ने बाबा की प्रतिमा पर प्रतिवर्ष राखी बांधने के संस्मरण याद करते हुए मौजूद लोगों को जीवन में असफलता के दौर में ईश्वर पर भरोसा रखने की प्रेरणा दी। विशाल स्वामी ने जीवन में मिलने वाली हर एक सफलता के बाद भी अपनों के साथ सहज एवं सरल रहने को ही वास्तविक सफलता बताई। स्वामी ने अध्यात्म से जुड़े रहने से आत्मबल मजबूत होने की बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सत्यनारायण जोगी का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम के दौरान आयोजक सुखदेव सिखवाल ने सभी का आभार जताया एवं किशोर सिखवाल, रोहित शर्मा, ख्यालीराम महावर, घनश्याम माली, भरत प्रजापत, सांवरमल पंवार, राधेश्याम सिखवाल, सत्यनारायण जोशी, बेगराज सिखवाल, कानाराम चाहर, रामचंद्र तावणियां, गोपाल सिखवाल, पंकज गुंसाई सहित बड़ी संख्या में श्रृद्धालु मौजूद रहे।








