May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 जुलाई 2025। मनीषा कंवर, कृष्णा कंवर, आईना, पूजा हो या बबिता, डिंपल अपने दस्तावेजों में स्कूलों की लापरवाही से की गई गलतियों को ठीक करवाने के लिए अभिभावकों के साथ सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर परेशान है। मनीषा कंवर की आधार कार्ड में जन्मतिथि वर्ष 2009 है और टीसी में 2046 कर दी गई, पूजा रेगर की जन्मतिथि आधार में 25 फरवरी 2008 है और बोर्ड परीक्षा की अंकतालिका में जन्मतिथि 16 जुलाई 2008 प्रिंट होकर आई, कृष्णा कंवर की आधार में जन्म तिथि 10 फरवरी 2011 है और टीसी में उसकी जन्मतिथि 19 जून 2016 कर दी गई है। डिंपल की मार्कशीट में पिता का BABU के स्थान पर BABOO कर दिया गया। बबिता सुथार के अभिभावक भी ऐसी ही परेशानी से जूझ रहें है। स्कूल की लापरवाही से उसकी अंक तालिका में नाम व जन्मतिथि गलत छप कर आई। जबकि आधार में सभी नाम पूरी तरह से सही थे। आईना आधार में नाम सही होने के बावजूद गलत नाम की अंकतालिका के कारण परेशान हो रही है। आधार में नाम सही होने के बाद भी नाम व जन्मतिथि, पिता व माता के नाम परिवर्तन कर दिए जाने से ये बालिकाएं ही नहीं बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं परेशान हो रहें है। विभिन्न स्कूल वालों द्वारा संशोधन आधार में ही करवाने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया जाता है। अब 12वीं बोर्ड में नाम संशोधन के लिए अभिभावक स्कूलों सहित सरकारी कार्यालयों में एड़ियां घिस रहें है। परेशान अभिभावकों ने बताया कि विभिन्न स्कूलों से जुड़े ये मामले गंभीर है क्योंकि इन्हें दुरस्त करवाने में उन्हें अत्यधिक समय व ऊर्जा खर्च करनी पड़ रही है। आड़सर बास के लक्ष्मीनारायण तावणियां ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर इस पर ध्यान दिए जाने की मांग की। उन्होंने बोर्ड प्रभारी द्वारा आधार कार्ड व जन आधार में अंकित नाम को ही महत्व देकर शाला दर्पण पर प्रविष्टि किए जाने, टीसी में नाम, पिता का नाम, माता का नाम, जन्मतिथि दर्ज करने की बात कही। तावणियां ने पत्र में सभी राजकीय व निजी विद्यालयों के बोर्ड प्रभारी को इस हेतु पाबंद करने की मांग की जिससे इनकी गलतियों का खामियाजा छात्र छात्राओं को भुगतना ना पड़े। इससे सुधार करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने व उच्च अध्ययन में हो रही देरी से बचा जा सकें।