






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 अगस्त 2025। गांव मोमासर के प्रसिद्ध पेड़े बनाने वाले सुथार परिवार पर आज काल का कहर बरपा है, जिससे पूरा अंचल व्यथित हो गया है। शनिवार अलसुबह करीब 5.30 बजे लाडनूं सुजानगढ़ रोड पर हुई एक रोडवेज बस और एसयूवी की टक्कर में चार जनों की मौत हो गई। दुर्घटना में तीन घर परिवार उजड़ गए है। गांव के मिठाई व्यापारी ठाकरमल सुथार के पिता का देहांत 28 जुलाई 2025 को हुआ। इसके बाद उनका परिवार ठाकरमल की माता लिछमा देवी को पुष्कर नहलाने के लिए आज सुबह ही गांव से रवाना हुआ। इनके साथ हलवाई ओमसिंह राजपूत भी साथ था। एसयूवी ओमसिंह ही चला रहा था। दुर्घटना में ठाकरमल सुथार की माँ 70 वर्षीय लिछमादेवी, उनकी पत्नी 42 वर्षीय तुलछी देवी और 50 वर्षीय बहन शारदा देवी सहित ओमसिंह की दर्दनाक मौत हो गई। चारों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गाड़ी के बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत है कि तुलछी देवी के तीन बच्चे व उनकी एक और भुआ इसी गाड़ी में थे, जो सुरक्षित है। मृतका तुलछी के दो बेटे आशीष व मुरली तथा भुआ जग्गुदेवी व बेटी ममता ठीक है। इन्हें लाडनू अस्पताल से छुट्टी दे गई है। अनेक लोग लाडनूं पहुंचे और शव लेकर गांव के लिए रवाना हो गए है। ठाकरमल ने दर्दनाक हादसे के बाद सुधबुध सी खो दी है। नाते रिश्तेदार और उनके पड़ोसी दिलासा दे रहें है।
बुढे़ माँ बाप राह तकते रह गए बेटे की, उजड़ गया घर।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मोमासर से मात्र 7 किलोमीटर दूर रतनगढ़ तहसील के गांव बाढ़ा की ढाणी निवासी 42 वर्षीय ओमसिंह राजपूत की मौत हो गई। ओमसिंह दो मासूम बच्चों का पिता था और ढाणी में अपने परिवार सहित रहता था। उसके दो बड़े भाई विदेश में रहते है व बुढ़े माँ बाप के पास ओमसिंह ही एक सहारा था। ओमसिंह की परिवार का पालक था और दुर्घटना में ओमसिंह का परिवार उजड़ने से पूरे गांव में माहौल गमगीन हो गया है। खेती बाड़ी के साथ ओमसिंह हलवाई का काम करता था और गाड़ी भी चलाता था। मृतक का शव लेने उसके परिवारजन व सक्रिय युवा पहुंचे है।

कल रात को ही गांव पहुंची बहन, आज सुबह हुई मौत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ठाकरमल की बहन शारदा देवी अपने सुसराल नोखा से शुक्रवार रात ही मोमासर पहुंची थी। वह अपनी माँ के साथ पुष्कर जाने के लिए मोमासर आई थी। आज अलसुबह ये लोग पुष्कर के लिए रवाना हुए व हादसे का शिकार हो गए। शारदा दो बेटों सहित एक बेटी की माता थी। उनके परिवार को गहरा सदमा लगा है व शारदा देवी के बच्चे रोते बिलखते रह गए है।
पांच बच्चों की माँ और दादी हुई काल का शिकार।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ठाकरमल सुथार पांच बच्चों के पिता है। उनके बच्चों की माँ और दादी दोनों के एकसाथ चले जाने से घर आंगन मातृहीन हो गया है। ठाकरमल अपने पिता की एक ही पुत्र संतान है और घर में ये दो महिलाएं ही थी। हादसे के बाद ठाकरमल सुधबुध खो बैठे है और पड़ौसी व रिश्तेदार उन्हें दिलासा दे रहें है। उनके 2 बेटे व 3 बेटियां ममता के आंचल से महरूम हो गए। गांव भर में हादसे की चर्चा है और लोग घटना पर शोक जता रहें है।




