May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़। अनशनकारी सरपंच प्रियंका सिहाग को ज्यूस पिला कर अनशन तुड़वाते जिला परिषद सीईओ।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 जुलाई 2019। उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन की मांग को लेकन छः दिनों से जारी अनशन के बाद बरजांगसर सरपंच प्रियंका सिहाग ने गुरूवार रात्रि करीब 8.30 पर प्रशासन को झुकाने के बाद ही अपना अनशन तोड़ा। गुरूवार को कई दौर की वार्ता के बाद प्रशासन ने 15 दिन में कलेक्टर के स्वविवेक राशि से भवन निर्माण कार्य प्रारम्भ करने की लिखित स्वीकृति दे दी है। सीएमएचओ देवेन्द्र चौधरी ओर जिला परिषद सीईओ नरेन्द्रपालसिंह ने गांव जाकर सरपंच व उनके साथियों से बातचीत की एवं ग्रामीणों द्वारा लिखित आदेश के बाद ही अनशन तोड़ने की बात पर अड़े देख अधिकारियों ने जिला कलेक्टर से फोन पर वार्ता की एवं बाद में ग्रामीणों से लिखित में समझौता किया। लिखित आदेशों के बाद ग्रामीणों ने आपसी सर्वसम्मति से अनशन तोड़ने का निर्णय लिया एवं अधिकारियों का आभार जताया। जिला परिषद सीईओ नरेन्द्रपाल सिंह ने अनशनकारी सरपंच व ग्रामीणों को ज्युस पिला कर अनशन तुड़वाया। अनशन तोड़ने के बाद पूरे गांव में गुड़ बांटा गया एवं महिलाओं में जबरदस्त उत्साह नज़र आया। गांव की महिलाएं शुक्रवार को बीकानेर जाकर कलेक्टर का आभार भी जताएगीं।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दिन भर चले वार्ता के दौर, भाजपा नेता भी हुए शामिल।

लिखित आदेश लेने के लिए छः दिन महिलाओं को झेलना पड़ा इतना कष्ट।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 जुलाई 2019। गत शनिवार को प्रारम्भ हुआ आमरण अनशन आज छठे दिन तुड़वाया गया लेकिन पूरे क्षेत्र में यही चर्चा रही कि केवल लिखित में देने के लिए प्रशासन ने क्षेत्र की महिलाओं को इतना कष्ट पाने के लिए मजबूर किया। गत 5 जुलाई को जिला कलेक्टर कुमारपाल गौतम ने जनसुनवाई में शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया। परन्तु कार्यवाही आगे नही बढ़ने पर 12 जुलाई को सरपंच प्रियंका सिहाग ने अंतिम चेतावनी भी दी व उस समय भी कलेक्टर ने शीघ्र कार्य करवा देने का आश्वासन दिया। केवल आश्वासनों से परेशान सरपंच ने बार बार, जगह जगह गुहार की पर नही सुनवाई हुई। अब जब भीषण गर्मी में 6 दिन अनशन से सरपंच व उनके साथियों की तबियत अधिक बिगड़ने लगी तो आज प्रशासन ने पटाक्षेप करते हुए लिखित में भवन निर्माण का आश्वासन दे दिया। चर्चा ये है कि जब प्रशासन को ये कार्य करना था तो गांव की सैकड़ों महिलाओं को क्यों इतना परेशान किया। गांव के स्त्री पुरूष सामान्य जनजीवन को त्याग कर 6 दिन चौपाल पर डटे रहे व प्रशासन को सद्बुद्धि के लिए भजन कीर्तन करते रहे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। छह दिनों के संघर्ष के बाद मिला लिखित में समझौता।