






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 सितंबर 2025। रास गरबा महोत्सव 2025 का जबरदस्त आयोजन आज शाम 6.30 बजे शुरू होगा। श्रीश्याम ग्रुप द्वारा आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदर्श विद्या मंदिर के मैदान में खूब डांडिया खनकेंगी। पारंपरिक परिधानों में सजे धजे लोग लोक संस्कृति का उत्सव मनाएंगे। आयोजक समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। समारोह गरबा प्रेमी अपने परिवार के साथ शामिल होंगे। विदित रहें दोनों पुरस्कारों की बौछार होगी और लक्की ड्रा भी निकाला जाएगा। एंट्री पास से ही होगी व पास के लिए गरबा प्रेमी सृजन क्लासेज, जिओ मार्ट, पुराना बस स्टैंड स्थित दुर्गा पान भंडार, मैन मार्केट में स्थित चंडीगढ़ बैकरी, सिंधी कटले में स्थित भगवानदास नौतनदास दुकान पर रवि रिझवानी, पुराना बस स्टैंड पर सुरेश कुमार एंड ब्रदर्स, रानी बाजार में पवन स्टोर पर, भैरूंजी मंदिर के पीछे रवि गुरनाणी के पास, सुरभि भोजक, प्रज्ञा कैकरी, जयश्री मोदी के पास से एंट्री पास ले सकते है। अधिक जानकारी के लिए एडवोकेट रणवीरसिंह खिची 8619225367 या दीनदयाल प्रजापत 9999080206, कृष्णा राजपुरोहित 8740837101, कपिल धनवानी 7742900243 पर संपर्क किया जा सकता है।
विहिप द्वारा होगा दीप प्रज्ज्वलन, बताया सांस्कृतिक विरासत का आयोजन होगा पारिवारिक।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रास गरबा महोत्सव 2025 का आगाज माता रानी की महाआरती से किया जाएगा। वहीं दीप प्रज्ज्वलन विश्व हिंदू परिषद द्वारा किया जाएगा। संगठन के सदस्यों ने इसे सांस्कृतिक विरासत का आयोजन बताया। सदस्यों ने शुक्रवार शाम को बैठक का आयोजन किया और गरबा समारोह के लिए विस्तृत चर्चा की गई। सदस्यों ने बताया कि भारतीय परंपरा का सबसे समृद्धशाली आयोजन है, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शक्ति व भक्ति के साथ गरबा करते है। उन्होंने कहा कि मातारानी का ये महोत्सव पारंपरिक परिधानों में गरिमामयी ढंग से मनाया जाएगा। विहिप व संघ सदस्य एडवोकेट रणवीर सिंह खीची आयोजन समिति सदस्य ने पास एंट्री व पारिवारिक आयोजन होने की रूपरेखा प्रस्तुत की। विहिप की टीम भी मौके पर मौजूद रहेगी व सुरक्षा व्यवस्था को दूरस्त करने में सहयोगी बनेगी। बैठक में संरक्षक भंवरलाल दुगड़, जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी, जिला सहमंत्री वासुदेव सारस्वत, प्रखंड अध्यक्ष रवि कांत, मनीष नोलखा, भीखाराम सुथार, फतेहसिंह, पूर्णमल, महेंद्र, सौरभ, पवन, कृष्णा, दीनदयाल प्रजापत सहित कई सदस्य मौजूद रहें।





