






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 अक्टूबर 2025। शनिवार सुबह 9 बजे से ई मित्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर मूंग व मूंगफली की खरीद के लिए पंजीयन प्रारंभ होने थे। किसान 8 बजे ही अपने खेतों में कटाई, रबी की फसल की बिजाई की तैयारियों के कार्य छोड़ कर ई मित्र पर आ बैठे है। ऐसे में सुबह से एक बार भी सिस्टम पर साइट नहीं चली है। बता देवें आज से राजफेड की ऑनलाइन टोकन वेबसाइट शुरू होनी थी, लेकिन साइट शुरू होते ही बंद हो गई। किसानों ने नाराजगी जताते हुए सरकारी व्यवस्था के मजाक बनने की बात कही है। जिले में श्रीडूंगरगढ़, नोखा, लूणकरणसर, खाजूवाला, बीकानेर के किसान साइट नहीं चलने की शिकायत दर्ज करवा रहें है। आरएलपी नेता हनुमान बेनीवाल सहित किसान संगठनों ने सीएम से व्यवस्था सुधार की मांग की है। बेनीवाल ने कहा कि ऑनलाइन हो रखी गिरदावरी में भी खामियां है और उनकी वजह से भी अन्नदाता परेशान हो रहें है। वहीं गांव मोमासर में स्थित सैनी ईमित्र पर, रीड़ी स्थित ई मित्र, श्रीडूंगरगढ़ में तहसील वाली गली में स्थित शहीद भगत सिंह ई मित्र, दुकान नबंर 35 में, घुमचक्कर के पास स्थित सिद्धि विनायक ई मित्र सहित विभिन्न ई मित्रों पर सुबह से किसान बैठे है और अपने टोकन निकलवाने का इंतजार कर रहें है। यहां बैठे किसानों ने सिस्टम के प्रति नाराजगी जताते हुए किसान की कहीं सुनवाई नहीं होने की बात कही। घुमचक्कर के निकट स्थित रिद्धि सिद्धि ई मित्र के सहीराम ने बताया कि सुबह 9 बजे से एक भी टोकन नहीं निकला और किसान परेशान हो रहें है। वहीं सहकारी समिति के अधिकारियों ने बताया कि हो सकता है अत्यधिक रश के कारण साइट सपोर्ट नहीं कर रही हो, बाकि किसानों को टोकन समय पर मिल जाएंगे।
ये दस्तावेज लाने है, यहां आएगा ओटीपी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। किसान गिरदावरी टोकन के लिए अपना जनआधार कार्ड, आधार कार्ड, खसरा नबंर लेकर ई मित्र पहुंचे व अपना टोकन लेवें। सहीराम ने बताया कि किसान ध्यान रखें कि जनआधार में जो नबंर जुडे है ओटीपी उसी नबंर पर आएगा। तो वे ध्यान रखे जनआधार में जो नबंर दिया है उसी से ओटीपी लेने होंगे।
गिरदावरी में गड़बड़ी, किसान के लिए मुसीबत।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अनेक किसानों ने बताया कि खेत में मूंगफली है और गिरदावरी में मोठ व ग्वार आ रहा है। इस तरह की तकनीकी समस्या कई किसानों ने जताई है। तहसीलदार श्रीवर्द्धन शर्मा ने बताया कि गिरदावरी में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर संबंधित कार्मिक के विरूद्ध सख्त रूख अपनाया जाएगा। वहीं तकनीकी खामियों को ठीक कर किसानों को टोकन लिए जाने के दौरान पूरा सहयोग किया जाएगा।







