






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 दिसबंर 2020। कस्बे में दिन निकलने से पहले हो या देर शाम अंधेरा होने के बाद पालिका एक्शन मोड पर आती है और अपने जिन कर्मचारियों से अतिक्रमण के नाम पर तोड़ फोड़ करवा रही थी उन्हीं में से एक कर्मचारी के गंभीर घायल होने पर संवेदनहीन अधिकारियों का ह्रदय नहीं पसीजा और मौके से रवाना हो गए। कार्रवाई का विरोध कर रहें नागरिक घायल को अस्पताल लेकर पहुंचे और उनकी गंभीर अवस्था देखकर उन्हें प्राथमिक चिकित्सा के बाद बीकानेर रैफर कर दिया गया। आज पूरे क्षेत्र में चर्चा है कि जो अधिकारी कार्रवाई में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहें थे और महिला को बच्चों समेत घर से घसीट कर बाहर फैंकते नजर आए वे अधिकारी जनता के हितैषी तो नजर नहीं आते अपने कर्मचारियों के लिए भी हितकर प्रतीत नहीं हो रहे और इस बात का विरोध अस्पताल में उपस्थित सभी कर्मचारियों ने भी जताया। अब ले चलते है आप सभी को थोड़ा फ्लैश बैक में जब पंचायत चुनाव के मतदान चल रहे थे। उस दिन कितासर भाटीयान में एक होमगार्ड बेहोश होकर गिर पड़ा और ये सूचना पुलिस विभाग को दी गई तो बेहोश होमगार्ड के पहुंचने से पहले सीओ धर्माराम गिला स्वयं ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. संतोष आर्य की टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और स्वयं उसकी जांच करवाई। डॉ. आर्य ने जांच के बाद कहा कि होमगार्ड बिल्कुल ठीक है और बीपी हाई के कारण उन्हें चक्कर आ गया था तब तक सीओ गिला वहीं रहें और उसके बाद अपनी ड्यूटी एरिया के लिए रवाना हो गए। उनके इस सह्रदय व्यवहार को टाइम्स सहित सभी समाचार संस्थाओं ने प्रमुखता से छापा क्योंकि प्रशासन के बड़े अधिकारी का ये रवैया सैंकड़ो लोगों को हिम्मत व हौसला देने के साथ प्रेरणा भी देता है। वहीं मंगलवार शाम की घटना से कस्बे में अब अधिकारियों को केवल अपने पद का गुमान होने और आम जनता से उनका कोई सरोकार नहीं होने की चर्चाऐं चल पड़ी है।



