






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 दिसम्बर 2020। सनातन धर्म का अद्भुत ग्रन्थ गीता है और गीता हमें जीवन में परिवर्तन को स्वीकार करने व दुःख सुख में सम भाव से रहने की शिक्षा देती है। ये विचार आड़सर बास के प्राचीनतम सत्यनारायण मंदिर के पुजारी जगदीश शर्मा ने व्यक्त किए। आज मन्दिर प्रांगण में आज गीता महोत्सव मनाया गया। ठाकुर जी का विशेष श्रृंगार कर पूजन आरती की गई। मंदिर परिसर में कोरोना गाइडलाइन के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग के साथ गीता के सम्पूर्ण पाठों का वाचन श्रद्धालुओं द्वारा किया जा रहा है। आयोजन 1 बजे तक चलेगा व महिलाओं पुरुषों सहित युवक व युवतियों ने भी महोत्सव में भाग लिया है। श्रद्धालुओं ने गीता की शिक्षा को जीवन मे उतारने का संकल्प लिया।




