






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 दिसम्बर 2020। जयपुर से एक ब्राह्मण परिवार श्रीडूंगरगढ़ के गांव सातलेरा आ रहा था और परिवार ने गाड़ी से घूम घूम कर गांव को ढूंढा। हालांकि सातलेरा गांव नेशनल हाइवे पर है परन्तु ये परिवार गांव बिग्गा से कितासर के बीच दो बार घूम गया। आखिर गांव सातलेरा पहुंच कर ब्राह्मण परिवार ने कहा कि धन्य है श्रीडूंगरगढ पीडब्ल्यूडी। मामला कुछ यूं हुआ कि ये परिवार अपने बेटे के लिए कन्या देखने अपने किसी रिश्तेदार के यहां गांव सातलेरा के लिए निकले और जयपुर से रतनगढ़ पहुंचे। रतनगढ़ से बिग्गा पहुंचे और यहां पूछने पर 3 किलोमीटर हाइवे पर गांव सातलेरा होने की बात कही। परिवार आगे बढ़ा और हाइवे के संकेत बोर्ड/मील के पत्थर पर नाम सरतलेरा आया। पत्थर पर 2 km सरतलेरा के कारण आगे आये और गलत आ जाने के अंदेशे से वापस मुड़ गए। परिवार ने सोचा संभवत बिग्गा से कितासर के बीच 3 km पर हो और कितासर पहुंच गए। पता करने पर बताया गया की गांव बिग्गा से श्रीडूंगरगढ़ के बीच सातलेरा है और कुछ समझ नहीं पाने पर रिश्तेदारों को अलसुबह फोन कर अपनी उलझन बताई। लौट कर आए और कड़कडा़ती ठंड में अलसुबह आखिर रिश्तेदार ने हाइवे पर खड़े होकर गाड़ी का रंग व नम्बर देख कर घर पहुंचाया। जयपुर निवासी परिवार ने कहा सातलेरा को सरतलेरा बनाने वाला विभाग भी धन्य है। गांव का युवा वर्ग अपने गांव के गलत नाम से मुसाफिरों को होने वाली परेशानी व भ्रमित होने की दशा में प्रशासन को ज्ञापन देकर इसे दुरस्त करने की मांग करेंगे। गांव के हीरालाल तर्ड, गौरी शंकर सारस्वत, राज सारस्वत आदि ने इस शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।




