August 29, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 मार्च 2026। क्षेत्र भर में घर घर बुधवार को बासौड़ा का पर्व मनाया जा रहा है। चैत्र मास में कृष्ण पक्ष की सप्तमी व अष्टमी तिथि को शीतला माता का पूजन कर यह त्योहार मनाया जाता है। रानी बाजार में स्थित शीतला माता मंदिर, आड़सर बास के माताजी मंदिर में शीतला पूजन के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ आई है। अलसुबह से महिलाएं पूजन करने पहुंच रही है। माता को ठंडे का भोग लगाकर कथा कहानी सुनने की पंरपरा का निर्वहन किया जा रहा है। महिलाओं ने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामनाएं की। हर घर में नई मटकी रखकर पूजन किया गया।
“लाखीणा लोकगीत” पुस्तक की रचयिता श्रीडूंगरगढ़ निवासी पुष्पादेवी सैनी पत्नी डॉ मदन सैनी ने बताया कि शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। इस दिन बासी भोजन का भोग लगाया जाता है और पूरा परिवार बासी भोजन करता है। जिसको एक दिन पहले ही बनाकर रख लिया जाता है। सैनी ने बताया कि उन्होंने अपनी पुस्तक में बासोड़ा व शीतला सहित सभी राजस्थानी तीज त्योहारों के लोकगीतों का संकलन किया है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रानी बाजार में स्थित शीतला मंदिर में पूजन के लिए उमड़े श्रद्धालु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। माताजी मंदिर में अलसुबह से माता के भक्तों का लगा तांता।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शीतला माता मंदिर में उमड़ी भीड़, महिलाओं ने किया शीतला पूजन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। महिलाओं ने गली मोहल्लों में किया शीतला पूजन संपन्न किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूजन कर महिलाओं ने सुनी कथा कहानी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हर घर में महिलाओं ने मटके रखे और शीतला पूजन किया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शीतला पूजन कर बच्चों के लिए मंगलकामनाएं की।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हर घर में हुआ पूजन, शीतला को लगाया ठंडे का भोग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बच्चों से धोक लगवा कर गाए शीतला के गीत।