






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 मार्च 2026। सिद्ध समाज के प्रमुख संतों में शामिल गुरू जसनाथ जी के शिष्य गुरू पालो जी के धाम पूनरासर में दो दिवसीय चैत्र मेला गुरूवार को जयकारों के साथ पूर्ण हुआ। जसनाथजी के बाद उनकी शिक्षाओं का क्षेत्र में प्रसार करने वाले गुरू पालोजी ने 140 वर्षों के जीवन काल में तपस्याएं की एवं अपनी तपस्या स्थली पूनरासर धाम में ही समाधी ली। तब से ही उनके धाम पर मेला लगता है एवं उनके उपयोग में ली गई पवित्र गुदडी के दर्शन साल में मेले के मौके पर सार्वजनिक रूप से करवाए जाते है। मेले के पहले दिन बुधवार रात्रि को धाम के महंत प्रेमनाथ एवं सिद्ध मंडली द्वारा महाज्योत की गई एवं आरती के बाद शबद गायन, अग्निक नृत्य किया गया। इसके बाद गुरूवार सुबह शबद गायन, ज्योत दर्शन, महाआरती, गुदड़ी पूजा एवं उसके बाद गुदड़ी दर्शन किए गए। शबद गायन में महंत प्रेमनाथ के साथ बिग्गा आश्रम के संत प्रेमनाथ, शबद गायक पूरनाथ, हुकमनाथ, रामेश्वरनाथ, लालनाथ आदि ने किया एवं साधक हरिओम नाथ, काननाथ, जैसाराम, किसनाराम, मुखराम नाथ आदि ने अग्नि नृत्य किया। मेले के दौरान पूनरासर सहित आस पास के गांवों से, श्रीडूंगरगढ़ से, बीकानेर, बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, गंगानगर, हरियाणा, पंजाब एवं गुजरात से भी श्रद्धालू पधारे। गुदड़ी दर्शन के दौरान अतिथि रूप में परमहंस संत सोमनाथ महाराज लिखमादेसर से एवं बिग्गा से संत प्रेमनाथ मौजूद रहे। मेले के दौरान हैड कांस्टेबल आवड़दान की अगुवाई में पुलिस भी तैनात रहा एवं व्यवस्थाओं को संभाला। मेले के दौरान महाप्रसादी के लाभार्थी जालोर के दुर्गाराम हरकाराम ज्याणी रहे एवं जोधपुर के अचलाराम ज्याणी ने 200 गद्दे प्रदान किए, धाम प्रांगण में की गई सजावटों के लाभार्थी पूनरासर के लक्ष्मणनाथ ज्याण रहे। धाम में मंदिर एवं धर्मशाला का नवनिर्माण भी जारी है एवं मेले के दौरान धर्मशाला में कमरों के निर्माण की घोषणा करने वाले लाभार्थियों को महंत प्रेमनाथ द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। संत पालोजी के जयकारों के साथ मेला सम्पन्न हुआ।




