May 27, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 27 मई 2026। श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के आम चुनावों के लिए कस्बे में जबरदस्त राजनैतिक माहौल बना हुआ था एवं जैन समाज के युवाओं द्वारा युवा सामाजिक कार्यकर्ता सुमति पारख को नामांकन करवाया गया। उनके विपक्ष में निवर्तमान अध्यक्ष सुशीला पुगलिया मैदान में थी। दोनों पक्षों से रिकार्ड मतदाता भी संस्था के सदस्य के रूप में जोड़े गए एवं दोनों मजबूत पक्ष होने के कारण श्रीडूंगरगढ़ जैन समाज में गुटबाजी एवं आपसी विरोध और अधिक बढ़ने की संभावना भी बढ़ गई थी। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे में आगामी वर्ष में तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्यश्री महाश्रमण का पदार्पण भी होना है एवं ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ जैन समाज के चिंतक एवं वरिष्ठ श्रावकों ने दोनो पक्षों के बीच सहमति के प्रयास भी खूब किए। इन्हीं प्रयासों के तहत वरिष्ठ श्रावकों ने बुधवार को सुमति पारख एवं युवा टीम को गुरू दर्शन कर मार्गदर्शन लेने को कहा गया। इसके बाद पारख युवाओं के साथ लाडनूं पहुंचें। जहां गुरू सानिध्य में सौहार्द की प्रेरणा प्राप्त की गई। संतों ने सामाजिक द्वेषता नहीं बढ़ने देने के लिए चुनावों में नाम वापसी की प्रेरणा दी एवं इस पर पारख ने सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए श्रीडूंगरगढ़ जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के अध्यक्ष पद हेतु चुनाव से नाम वापसी का निर्णय लिया है। पारख ने बताया कि उनके दिवंगत पिता विजयसिंह पारख जैन सभा, अणुव्रत समिति, गोपाल गौशाला सहित कई संस्थाओं में अध्यक्षीय जिम्मेदारी निभा चुके थे एवं हमेशा उन्हें निर्विरोध ही अध्यक्ष चुना गया, उनके बताए मार्ग के अनुसार संस्थाओं में पद कोई अधिकार नहीं बल्कि समाज के प्रति कर्तव्य निभाने का अवसर होता है। अत: संस्थाओं में चुनाव के बजाए मनाव होना चाहिए एवं इसी पर चलते हुए गुरू प्रेरणा से गुरू सानिध्य में चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया गया है।
ये रहे मौजूद, जताई गुरू के प्रति निष्ठा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गुरू दर्शन के दौरान कस्बे के वरिष्ठ समाजसेवी भीकमचंद पुगलिया, प्रत्याशी व वर्तमान अध्यक्ष सुशीला देवी पुगलिया, अशोक पारख, निर्मल बोथरा, मनोज पारख, तेयुप अध्यक्ष विक्रम मालू, रजत सिंघी, अशोक झाबक आदि मौजूद रहे एवं सभी ने गुरू के प्रति अपनी निष्ठा जताई।