






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 जून 2026। तेरापंथ सभा अध्यक्ष सुशीला पुगलिया सहित कार्यकारिणी ने सेवा केंद्र में साध्वीवृंद के सान्निध्य में पद की शपथ ली। पुगलिया ने चुनाव के बाद कार्यकारिणी का गठन किया और वरिष्ठ उपाध्यक्ष तुलसीराम चोरड़िया, उपाध्यक्ष सुमेर डागा, मंत्री प्रदीप पुगलिया, कोषाध्यक्ष तोलाराम पुगलिया, संगठन मंत्री पांचीलाल सिंघी, सहमंत्री प्रथम संजय बरड़िया, सहमंत्री द्वितीय अक्षत पुगलिया, कार्यसमिति सदस्य विजयराज सेठिया, नरेंद्र डागा, संजय बोथरा, अशोक बैद, कमल बोथरा, दीपक सेठिया, महेंद्र दूगड़, जितेश मालू, विकास डागा, प्रदीप मालू, लूणकरण बोथरा, मनीष नौलखा, विनोद भादानी, लक्ष्मीपत भादानी, धनराज पुगलिया, मणिशंकर सेठिया, मंजू बोथरा, मधु झाबक, रेखा भादानी को शामिल किया गया है। अध्यक्ष पद की शपथ के बाद अध्यक्ष पुगलिया ने सभी सदस्यों ने पद की शपथ दिलवाई। पुगलिया ने पूरी टीम का आभार जताते हुए सभी को सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। इससे पहले संस्कारक प्रदीप पुगलिया व पीयूष बोथरा द्वारा मंगल मंत्रोच्चार व जैन संस्कार विधि द्वारा कार्यक्रम शुरू किया गया। मंगलाचरण उर्मिला गिया ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में महासभा से आंचलिक एवं सभा प्रभारी राजेश बांठिया, कार्यसमिति सदस्य कमल बैद शपथ ग्रहण में शामिल हुए। साध्वी सरसप्रभा, साध्वी युक्तिप्रभा एवं साध्वी उन्नतप्रभा ने नवगठित टीम को ऊर्जादायी प्रेरणा देते हुए सम्बोधित किया। महिला मंडल संरक्षिका झिणकार देवी बोथरा, भामाशाह भीखमचंद पुगलिया, उपाध्यक्ष मधु झाबक, तेरापंथ युवक परिषद् के अध्यक्ष विक्रम मालू, अणुव्रत समिति उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, ओसवाल पंचायत से अक्षत पुगलिया ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष व कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दी। सभा मंत्री प्रदीप पुगलिया ने सभी का आभार जताया व मंच संचालन अंबिका डागा ने किया। कार्यक्रम में तेरापंथ समाज की विभिन्न संस्थाओं से पदाधिकारी एवं सदस्य, श्रावक-श्राविकाओं की उपस्थिति रही।
सुमति पारख की निष्ठा को सराहा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कार्यक्रम के दौरान श्रावक समाज को सम्बोधित करते हुए सेवा केन्द्र व्यवस्थापिका साध्वी श्रीलक्ष्यप्रभा जी ने सभा चुनाव में सर्वसम्मति बनाने के लिए कस्बे के युवा सामाजिक कार्यकर्ता सुमति पारख द्वारा गुरू इंगित को शिरोधार्य करने को प्रेरणीय बताया। साध्वीश्री ने पारख के इस त्याग से समाज में एकता का संदेश मिलने की बात कही एवं इसे प्रेरणीय पहल बताते हुए जो भविष्य में भी संस्थाओं में चुनाव के बजाय मनाव को महत्व देने की प्रेरणा दी। वहीं उपस्थित श्रावकों ने भी सुमति पारख के निर्णय का स्वागत करते हुए सराहना की।







