September 1, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 सितंबर 2026। नगरपालिका चुनाव की सरगर्मी के बीच श्रीडूंगरगढ़ अंचल में कथित फसल बीमा फर्जीवाड़े का मामला सामने आने से हलचल तेज हो गई है। पूनरासर और ठुकरियासर में किसानों की भूमि पर उनकी जानकारी और सहमति के बिना फसल बीमा पॉलिसियां जारी कर क्लेम राशि हड़पने के आरोप लगाए गए हैं। सोमवार को किसान जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।
किसानों का कहना है कि मामला केवल दो गांवों तक सीमित नहीं हो सकता। यदि निष्पक्ष जांच की जाए तो अंचल के अन्य गांवों में भी इसी तरह की अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है। किसानों ने प्रशासन को कथित घोटाले से संबंधित सूची और दस्तावेज भी उपलब्ध करवाए हैं।
पूनरासर में ‘मालिक’ नहीं, बंटाईदार बनकर क्लेम लेने का आरोप
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूनरासर के किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी खातेदारी कृषि भूमि पर फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर दूसरे लोगों द्वारा स्वयं को खेत मालिक अथवा बंटाईदार दर्शाकर फसल बीमा पॉलिसियां जारी करवाई गईं। इसके बाद फसल खराबा दर्शाकर बीमा क्लेम की राशि कथित रूप से अपने खातों में प्राप्त कर ली गई। किसानों के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया में वास्तविक खातेदार को इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। उनका आरोप है कि यह कोई एक-दो मामलों की बात नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही कथित प्रक्रिया है।
पूनरासर के किसानों ने दावा किया कि 400 से अधिक किसान इस कथित फर्जीवाड़े की चपेट में आए हैं। भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्च स्तरीय जांच, दस्तावेजों के सत्यापन और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ठुकरियासर में गोचर भूमि पर भी बीमा पॉलिसी का दावा
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दूसरा मामला ठुकरियासर से सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में द सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक की शाखा के माध्यम से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कथित अनियमितता की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गोचर भूमि खसरा नंबर 787, 685 तथा 30 से अधिक अन्य किसानों के खसरों पर उनकी सहमति के बिना कथित रूप से फसल बीमा पॉलिसियां जारी की गईं। ग्रामीणों ने इन पॉलिसियों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच करवाने की मांग की है। गोचर भूमि के नाम पर बीमा पॉलिसी जारी होने के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
‘ढाक के तीन पात’ नहीं, इस बार कार्रवाई की उम्मीद
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में भी विभिन्न स्तरों पर शिकायतें होती रही हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर स्थिति ‘ढाक के तीन पात’ जैसी ही रही। परंतु अब शिकायत जिला कलेक्टर को की गई है और किसानों ने मांग की है, कि इस बार शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए, ताकि वास्तविकता सामने आ सके और यदि फर्जीवाड़ा साबित होता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो।