


श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 सितंबर 2026। नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के मद्देनजर पेड न्यूज़ पर प्रभावी निगरानी एवं नियंत्रण के लिए बुधवार को जिला स्तरीय मीडिया प्रकोष्ठ के सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर डॉ. वाई. बी. माथुर, श्री सुरेन्द्र राठी एवं लेखाधिकारी श्री हेमंत व्यास ने पेड न्यूज़ की पहचान, निगरानी, परीक्षण एवं निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि निर्वाचन के दौरान राजनीतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से समाचार के रूप में प्रकाशित अथवा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित ऐसी सामग्री, जो वास्तव में विज्ञापन का स्वरूप रखती हो, पेड न्यूज़ की श्रेणी में आ सकती है। ऐसी सामग्री से मतदाताओं के रुझान को प्रभावित करने की संभावना रहती है, इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इसकी प्रभावी निगरानी आवश्यक है।
समाचार पत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर रहेगी निगरानी
प्रशिक्षण में बताया गया कि जिला स्तर पर गठित मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी (MMC) एवं मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा समाचार पत्र-पत्रिकाओं, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा अन्य संबंधित माध्यमों में प्रकाशित एवं प्रसारित समाचारों पर नियमित निगरानी रखी जाएगी। जिला मीडिया प्रकोष्ठ समाचार पत्रों की प्रतियां एवं संबंधित समाचारों की कटिंग एकत्रित कर जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करेगा। कमेटी द्वारा संदिग्ध पेड न्यूज़ के मामलों की जांच एवं परीक्षण किया जाएगा। पेड न्यूज़ पाए जाने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित अभ्यर्थी को नोटिस जारी किया जाएगा तथा जवाब प्राप्त होने के बाद प्रकरण पर निर्णय लिया जाएगा।
पेड न्यूज़ की लागत निर्वाचन व्यय में जोड़ी जाएगी
प्रशिक्षण में बताया गया कि यदि जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा किसी समाचार को पेड न्यूज़ माना जाता है, तो उसकी लागत डीएवीपी/डीपीआर की निर्धारित दरों के आधार पर आकलित कर संबंधित अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय खाते में जोड़ी जाएगी। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रसारित पेड न्यूज़ की लागत का आकलन भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
कमेटी के निर्णय की प्रति संबंधित अभ्यर्थी अथवा राजनीतिक दल को उपलब्ध कराई जाएगी। निर्णय के विरुद्ध निर्धारित समयावधि में राज्य स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के समक्ष अपील का प्रावधान भी है।
निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन के लिए सतत निगरानी
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं मीडिया प्रकोष्ठ के सदस्यों को पेड न्यूज़ के मामलों में समाचार की भाषा, प्रस्तुति, विज्ञापन जैसी विशेषताओं, समाचार के प्रकाशन-प्रसारण तथा उससे संबंधित अन्य तथ्यों का बारीकी से परीक्षण करने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही पेड न्यूज़ से संबंधित मामलों का रिकॉर्ड संधारित करने एवं निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के संबंध में भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उपनिदेशक हरिशंकर आचार्य, जिला स्तरीय मीडिया मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य सचिव एवं जनसंपर्क अधिकारी सुरेश बिश्नोई, सहायक जनसंपर्क अधिकारी निकिता भाटी सहित मीडिया प्रकोष्ठ के सदस्य उपस्थित रहे।






