






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 10 मार्च 2021। श्रीडूंगरगढ़ में लिखमीसर की रोही में सैंकड़ो की संख्या में राज्य वृक्ष खेजड़ी के पेड़ कट गए और हरे पेड़ो की कब्रगाह बन गयी और वो भी वन विभाग की नाक के नीचे। मेन रोड पर स्थित एक खेत में अभी तक लगातार पेड़ काटे जा रहें थे और मंगलवार रात पर्यावरण प्रेमियों ने रात भर भाग दौड़ कर जिला प्रशासन के साथ मिल कर इसे पकड़ा व ट्रक को जब्त करवाया। श्री जंभेश्वर पर्यावरण एवं जीवरक्षा प्रदेश संस्था के कैलाश विश्नोई ने संस्था के कार्यकर्ताओं के साथ रात भर भागादौड़ी की और इसका खुलासा किया। जिला प्रशासन की टीम के साथ विश्नोई सेरूणा में बैठे रहे व नापासर, सूडसर, लखासर तीनों जगहों पर संस्था के कार्यकर्ता तैनात रहें। अवैध कटाई कर रहें खेत की रेकी कर रहें संस्था के कार्यकर्ता लगातार सूचनाऐं प्रशासन को दे रहें थे। जिला प्रशासन के साथ सारी रात कार्यकर्ताओं ने प्रयास किए व हरे पेड़ की लकड़ी से भरा ट्रक पकड़वा। ट्रक चालक से पूछताछ में विवरण के बाद विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह खेत सड़क के किनारे स्थित है व इसमें सारी रात यहां कार्य होता है। सरकारी बिजली लाइन से अवैध कनेक्शन करीब 2 किलामीटर तार खींच कर ली गई है। यहां इतना बुरादा पड़ा है जिससे एक गाड़ी भरी जा सकती है। मौके पर पहुंची स्थानीय वन विभाग की टीम ने संस्था के कार्यकर्ताओं से कहा कि ये मशीन आरा मशीन नहीं है कटर मशीन है और कटर से पेड़ काटने पर कार्रवाई करना प्रावधान में नहीं है। इस लिपापोती वाले जवाब से नाराज संस्था के कार्यकर्ताओं ने ऐलान किया है कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में खेजड़ली के 363 शहीदों के इतिहास को दोहराना पड़ा तो पीछे नहीं हटेंगे और क्षेत्र से एक भी हरा पेड़ नहीं कटने देंगे। बता देवें ये क्षेत्र विश्नोई सम्प्रदाय प्रधान क्षेत्र है और यहां ग्रामीण शिकार व हरे पेड़ काटे जाने का लगातार विरोध करते रहते है। मौके से कैलाश विश्नोई ने वन विभाग के रेंजर पर आरोप लगाते हुए टाइम्स को बताया कि हजारों पेड़ो की बलि इनकी मिलीभगत से ही दी गई है और अब भी विभाग लीपापोती में लगा है जो सहन नहीं किया जाएगा। पर्यावरण प्रेमी इसमें अब प्रशासन द्वारा कार्रवाई का इंतजार कर रहें है और आगे की अपनी रणनीति बनाने में भी जुटें गए है।








