May 21, 2026
आज के पंचांग के साथ जानें “पापमोचनी एकादशी” पर करने न करने योग्य बातों सहित विशेष जानकारी।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अप्रैल 2021।🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 07 – Apr – 2021
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि  एकादशी  26:30:47
🔅 नक्षत्र  धनिष्ठा  27:33:09
🔅 करण :
बव  14:17:26
बालव  26:30:47
🔅 पक्ष  कृष्ण
🔅 योग  साघ्य  14:28:05
🔅 वार  बुधवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय  06:18:16
🔅 चन्द्रोदय  28:22:59
🔅 चन्द्र राशि  मकर – 15:00:37 तक
🔅 चन्द्र वास दक्षिण – 15:00:37 तक
🔅 सूर्यास्त  18:54:40
🔅 चन्द्रास्त  14:39:59
🔅 ऋतु  वसंत

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत  1942  शार्वरी
🔅 कलि सम्वत  5122
🔅 दिन काल  12:36:23
🔅 विक्रम सम्वत  2077
🔅 मास अमांत  फाल्गुन
🔅 मास पूर्णिमांत  चैत्र

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित  कोई नहीं
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त  12:11:16 – 13:01:41
🔅 कंटक  17:13:49 – 18:04:15
🔅 यमघण्ट  08:49:33 – 09:39:59
🔅 राहु काल  12:36:29 – 14:11:02
🔅 कुलिक  12:11:16 – 13:01:41
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम  07:08:42 – 07:59:08
🔅 यमगण्ड  07:52:49 – 09:27:22
🔅 गुलिक काल  11:01:55 – 12:36:29
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल  उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

🔅भद्रा – मंगलवार, 6 अप्रैल (02:12 PM) से
बुधवार, 7 अप्रैल (02:11 AM) तक

विशेष – चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी, पापमोचनी एकादशी है। पापों को हरने वाली यह एकादशी चैत्र मास में आती है। इसी के चलते इस एकादशी को पापमोचनी एकादशी कहा जाता है। एकादशी के दिन रात्रि में भगवान विष्णु के सामने नौ बत्तियों का दीपक जलाएं और एक दीपक ऐसा जलाएं जो रात भर जलता रहे।

एकादशी के दिन चावल और दूसरे का अन्न खाना मना है । एकादशी के दिन चावल खाने से रोग और पाप बढ़ते है ।

एकादशी के दिन भगवान विष्णु जी के मन्त्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” अथवा ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।। का अधिक से अधिक जाप करना चाहिए ।

📜 चोघडिया 📜

🔅लाभ  06:18:16 –   07:52:49
🔅अमृत  07:52:49 –   09:27:22
🔅काल  09:27:22 –   11:01:55
🔅शुभ  11:01:55 –   12:36:29
🔅रोग  12:36:29 –   14:11:02
🔅उद्वेग  14:11:02 –   15:45:35
🔅चल  15:45:35 –   17:20:07
🔅लाभ  17:20:07 –   18:54:40
🔅उद्वेग  18:54:40 –   20:19:59
🔅शुभ  20:19:59 –   21:45:18
🔅अमृत  21:45:18 –   23:10:36
🔅चल  23:10:36 –   24:35:55
🔅रोग  24:35:55 –   26:01:14
🔅काल  26:01:14 –   27:26:32
🔅लाभ  27:26:32 –   28:51:51
🔅उद्वेग  28:51:51 –   30:17:10

❄️लग्न तालिका ❄️

🔅 मीन  द्विस्वाभाव
शुरू: 05:14 AM  समाप्त: 06:37 AM

🔅 मेष  चर
शुरू: 06:37 AM  समाप्त: 08:16 AM

🔅 वृषभ  स्थिर
शुरू: 08:16 AM  समाप्त: 10:12 AM

🔅 मिथुन  द्विस्वाभाव
शुरू: 10:12 AM  समाप्त: 12:27 PM

🔅 कर्क  चर
शुरू: 12:27 PM  समाप्त: 02:47 PM

🔅 सिंह  स्थिर
शुरू: 02:47 PM  समाप्त: 05:04 PM

🔅 कन्या  द्विस्वाभाव
शुरू: 05:04 PM  समाप्त: 07:20 PM

🔅 तुला  चर
शुरू: 07:20 PM  समाप्त: 09:39 PM

🔅 वृश्चिक  स्थिर
शुरू: 09:39 PM  समाप्त: 11:58 PM

🔅 धनु  द्विस्वाभाव
शुरू: 11:58 PM  समाप्त: अगले दिन 02:03 AM

🔅 मकर  चर
शुरू: अगले दिन 02:03 AM  समाप्त: अगले दिन 03:46 AM

🔅 कुम्भ  स्थिर
शुरू: अगले दिन 03:46 AM  समाप्त: अगले दिन 05:14 AM

पं. विष्णुदत्त शास्त्री ( 8290814026)