






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 जुलाई 2021। 9 अगस्त को भारत छोड़ा आंदोलन की बरसी पर देश भर में एक साथ आवाज उठेगी के मोदी गद्दी छोडो। इस आंदोलन के लिए आगामी 1 अगस्त से जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। यह निर्णय लिया गया सोमवार को वामपंथी संगठन अखिल भारतीय किसान सभा, एसएफआई एवं खेत-मजदूर यूनियन की संयुक्त बैठक में। अभाकिस के तहसील अध्यक्ष अमरगिरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अतिथि रूप में किसान सभा के जिलाध्यक्ष एवं श्रीडूंगरगढ़ विधायक गिरधारीलाल महिया ने कृषि व किसान विरोधी तीनों काले कानूनों के विरोध, पेट्रोल डीजल की बेतहाशा बढ़ती दरों व स्थानीय मुद्दों को लेकर गांव-गांव जनजागरण अभियान चलाने की बात कही। महिया ने बताया कि खेती और किसान को बचाने के लिए चल रहे आंदोलन में आठ माह में 600 से ज्यादा किसानो ने शहादत दी है लेकिन सरकार तानाशाही करते हुए कॉरपोरेट घरानों के इशारे पर कानून वापस नहीं कर रही। किसान सभा जिला सचिव कॉमरेड जेठाराम लाखुसर ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर आने वाले समय मे रोटी व भूख का व्यापार करना चाहती है। जिसे किसान बर्दाश्त नहीं करेगा क्योंकि अगर कानून लागू होता है तो ये 80% लोगो के लिए जीवन मरण का प्रश्न बन जाएगा। एसएफआई राज्य कमेटी सदस्य मुकेश ज्याणी ने बताया कि काले कानूनों से खेती को खतरे के बारे में खेत खेत जाकर किसानों को जागरूक किया जाएगा एवं 9 अगस्त को श्रीडूंगरगढ़ तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में उपप्रधान प्रतिनिधि मालचंद नैण, किसान सभा नेता गोपाल भादू, राजेन्द्र जाखड़, शेखर रेगर, पं.स.सदस्य ओमप्रकाश नायक, पूर्व सरपंच भंवरलाल बाना, सहीराम भुंवाल, काननाथ जाखड़, भँवरलाल भुंवाल, एसएफआई तहसील अध्यक्ष महेंद्र जाखड़, पूर्व पं.स. सदस्य पेमाराम नायक, शिवलाल नैण, खेतनाथ सिद्ध, रामधन जाखड़, सुरेश बारोटिया, कुम्भाराम सारस्वत, नंदू सारस्वत सहित बडी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे एवं सभी ने तीनों काले कानूनों की वापसी के लिए सरकार को घेरने का निर्णय लिया।



