






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 अक्टूबर 2021। पूरे राज्य में राजस्व सेवा परिषद द्वारा अपनी वेतन, कैडर संबंधी सुधार की मांगों को लेकर प्रशासन गांवो के संग अभियान को पूर्ण असहयोग करते हुए आज कार्मिकों ने सामूहिक आकस्मिक अवकाश का पत्र प्रशासन को सौंप दिया व कार्मिकों ने धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है। कार्मिकों को सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रशासन गांवो के संग का सफल संचालन खटाई में पड़ता नजर आ रहा है और प्रति शिविर एक लाख रुपए का बजट खर्च करने के बाद भी इन शिविरों की केवल खानापूर्ति हो रही है। गांवो की मुख्य समस्याएं जस की तस बनी रहेगी क्योंकि तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, पटवारी हड़ताल पर है। नागरिकों का कहना है कि राजस्व विभाग से जुड़ी समस्याऐं ही गांवो में सर्वप्रमुख समस्याएं है और वही कार्य निस्तारण नहीं होंगे तो शिविरों का औचित्य क्या रह जाएगा। बता देवें शिविरों में राजस्व विभाग संबंधी कार्य जैसे नाम शुद्धि, बंटवारा, कट्टाणी रास्ता विवाद, इंतकाल, तरमीम, आबादी विस्तार जैसे महत्वपूर्ण कार्य ही नहीं हो पा रहें है। आज श्रीडूंगरगढ़ में तहसीलदार तेजपाल गोठवाल की अगुवाई में नायब तहसीलदार जयनारायण, सुरेंद्र कुमार, गिरदावर संघ अध्यक्ष चेनाराम, गिरधारीलाल, अशोक कुमार, रमेश सिंह सहित सभी आज श्रीडूंगरगढ़ मुख्यालय पर हड़ताल पर बैठ गए है व सामूहिक आक्समिक अवकाश का पत्र प्रशासन को सौंप दिया है। यहां पटवार संघ अध्यक्ष रामनिवास पांडिया, उपाध्यक्ष सीताराम नाई, हरिराम सारण, राकेश कुमार, तनुज कालेर, चंद्रशेखर, भंवरलाल, गोपाल राहड़, रामचंद्र, सुनीता चौधरी, रेणुका, मंजू, सहित पटवारी सरकार से मांगे पूरी करने की मांग करते हुए नारे लगा रहें है। परिषद ने पूर्व में 29 सितबंर को मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर अपनी मांगे रखी और प्रशासन गांवों के संग शिविर का असहयोग करने बात भी कही थी परन्तु सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किए दिखते है और कार्मिकों में विरोध के स्वर मजबूत हो रहें है।





