






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 4 अक्टूबर 2021। “आज हमां और कल थमां” यानी आज हम भुगत रहें है और कल कोई ओर भुगतेगा ये बात कही क्षेत्र के निराश प्रभुराम ने। एक तो गरीबी के हालात और दूसरे कोढ़ में खाज कर दी चिकित्सा विभाग की घोर लापरवाही ने। इस लापरवाही का परिणाम भुगत रहें प्रभुराम व उनकी पत्नी। अनपढ़ प्रभुराम प्रशासनिक दाव पेंच तो नहीं जानता पर आज उनका दर्द छलक उठा है और वे विभाग पर कार्रवाई की मांग कर रहें है। गांव सोनियासर मिठिया निवासी 34 वर्षीय प्रभुराम ज्याणी ने तीन पुत्र व दो पुत्रियों सहित पांच संतानों के साथ भरे पूरे परिवार के बढ़ते खर्चे से परेशान होकर अपनी पत्नी 32 मोहनीदेवी का नसबंदी का ऑपरेशन श्रीडूंगरगढ़ सामुदायिक अस्पताल में 11 दिसम्बर 2020 में करवाया था। इस ऑपरेशन में रही लापरवाही के कारण ऑपरेशन के मात्र 5 माह बाद ही उनकी पत्नी फिर से गर्भवती हो गई है। प्रभुराम जब विभाग की कार्मिक लीला के पास पहुंचे तो उन्होंने पांच हजार रूपए देने पर सफाई करने की बात कही अन्यथा इस मामले में कुछ नहीं हो सकने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। प्रभुराम बोरी उठा कर गाड़ियां भरकर या किसी निर्माण कार्य पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन करता है वह पांच हजार जुटा ही नहीं पाया और उनकी पत्नी अब पांच माह की गर्भवती है। प्रभुराम ने बताया कि डॉक्टर ने ऑपरेशन के बाद के जो नियम बताएं हमने वो पूरी तरह से पालन किए और अब वे इस घटना से बुरी तरह से परेशान हो उठा है। उनकी पत्नी भी खेती करती है और अब भारी मानसिक तनाव में है और वे विभाग को कोस रही है। प्रभुराम के माली हालात देखकर कई ग्रामीण उसकी मदद करने की बात भी कर रहें है।
ब्लॉक सीएमएचओ डॉ. संतोष आर्य से इस संबंध में बात किए जाने पर उन्होंने बताया कि महिला को सीएचसी श्रीडूंगरगढ़ आकर चिकित्सा अधिकारी से शिकायत करने पर उनकी जांच होगी। और अगर लापरवाही रही है तो 30 हजार रुपए की क्लेम राशि दी जाती है जिसके लिए सीएचसी अधिकारी द्वारा विभाग को आगामी कार्रवाई के लिए भेज दी जाएगी। एडवोकेट रणवीरसिंह खिंची ने कहा कि विभागीय लापरवाही के कारण महिला को विभाग द्वारा क्लेम का भुगतान किया जाना चाहिए और ऐसा नहीं करने पर परिवार के लिए न्यायालय के रास्ते खुले हुए है।





