May 21, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 अक्टूबर 2021। संस्कृति भवन में राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति के हीरक जयंती वर्ष में आज काव्य गोष्ठी आयोजित की गई जिसमें पांच कवियों ने हिंदी व राजस्थानी में अपनी रचनाऐं सुनाई और श्रोताओं से खूब दाद बटोरी। बीकानेर की कवियत्री कृष्णा आचार्य ने काव्य गोष्ठी का शुभारंभ “माता म्हारी सुरसते ए, मांड मांडणा आखर रा, म्हारी झोली भर दें ए..” से किया और मां सरस्वती से थारी कलम सूं भाग्य लिख देने का आग्रह किया। श्रीडूंगरगढ़ की कवियत्री सीता देवी राठी ने समाज में बेटियों के पढ़ने पर लगी रोक टोक पर बेटियों की आवाज को शब्द देते हुए “बापू मुझे पढ़ने दो, जीवन में कुछ बनने दो..” सुना कर सदन की सराहना ली। राठी ने “मेरा भारत ऐसा हो जाए आने वाले सालों में..” अपनी रचना सुना कर नए भारत में आशा, विश्वास,स्नेह से पूर्ण भारत की कल्पना भी की। लूणकरणसर से आए कवि राज बिजारणियां ने लूणकरणसर क्षेत्र में 1984 में 34 गांव उठाए जाने की पीड़ा कविता में सुनाई जिसे खूब दाद मिली। बिजारणियां ने राजस्थान की नारी का गौरव बताया और बेटियों के लिए कहा कि “जिसके नाम सूं नाक ऊंचो होवे..” सुनाते हुए बेटी विदाई का दृश्य साकार किया तो श्रोताओं की आंखे भी नम हो आई। बिजारणियां ने राजनीति के बदलते चेहरें पर “भाईड़ा धत्त तेरे की..” सुनाते हुए धर्म, बेरोजगारी की समस्या की बात उठाई। कवियत्री कृष्णा आचार्य ने “धरा का बीज है बेटी, गगन की छांव है..” बेटी सुना कर सराहना बटोरी। आचार्य ने सकारात्मक सोच के साथ “उगती है खुशियां और उम्मीदें प्रभात है” सुनाकर मन मोह लिया। आचार्य ने श्रोताओं के आग्रह पर अपनी प्रसिद्ध रचना “जोगिया रा दोहा” सुना कर दाद हासिल की। बीकानेर के गजलकार वली मोहम्मद गौरी ने शेर, गजल, तरन्नुम सुना कर श्रोताओं की सराहना लूटी। वली ने भाषा संघर्ष के उठते बवालों का जवाब देते हुए कहा कि “उर्दू है मां तो हिंदी मेरी खाला है.., को श्रोताओं ने खूब सराहा। उन्होंने कहा कि “जमाने में वफ़ा की एक कहानी छोड़ जाऊंगा..”, “मुकम्मल ये किस्सा हुआ है ना होगा..”, पर श्रोताओं की खूब दाद बटोरी। रतनगढ़ के कवि मनोज चारण ने प्रभावी मंच संचालन करते हुए कविताओं का समा बांधा।चारण ने महाभारत पर ओज पूर्ण रचना सुनाते हुए “युद्ध का अंत आंसू, विनाश बताया” तो सदन भावविभोर हो गया। चारण ने “सावंळी सी नार बा गजब कर गी” सुना कर श्रृंगार रस घोला तो राजस्थान की महिमा भी गाई।

सेवानिवृत्त होने के बाद समाज व प्रकृति का ऋण चुकाएं सेवा करें- इंदौरिया
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। काव्य गोष्ठी में मुख्य अतिथि तारांचद इंदौरिया ने मंच से अपने संबोधन में कहा कि सेवानिवृत्त होने के बाद नागरिक समाज सेवा से जुड़े व प्रकृति व समाज का ऋण उतारें। इंदौरिया ने राष्ट्रभाषा हिंदी प्रचार समिति की साहित्यिक जगत में अमिट छाप छोड़ने की बात कही। समारोह की अध्यक्षता करते हुए साहित्यकार डॉ. मदन सैनी ने कहा कि कविता मन का आंतरिक भाव है और अलंकार उसका सौन्दर्यकरण व रूप है। विशिष्ट अतिथि लॉयन महावीर माली ने कहा कि इस संस्था एवं यहां होने वाले कार्यक्रमों के प्रति कस्बे के लोगों में चाव बना रहता है। संस्था के मंत्रीमंत्री साहित्यकार रवि पुरोहित ने संस्था की गतिविधियों से आगत करवाते हुए इस वर्ष चल रहे हीरक जयंती अवसर पर होने वाले आयोजनों की जानकारी दी। इस दौरान संस्था अध्यक्षक श्याम महर्षि, साहित्यकार चेतन स्वामी, श्रीभगवान सैनी, रामचन्द्र राठी, पार्षद सोहनलाल ओझा, ओमप्रकाश गुरावा, सोहन पुरी ठेकेदार, करणीसिंह बाना, मौजूद रहे।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। वली मोहम्मद गौरी ने सुनाई गजल, शेर से बांधा समा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राज बिजारणियां ने राजनीति के बदलते चेहरे पर धिक्कार देते हुए व्यंग्य सुनाकर वाहवाही लूटी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मुख्य अतिथि ताराचंद इंदौरिया ने समाज की सेवा का संकल्प लेने की बात कही।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कवि मनोज चारण ने मंच का प्रभावी संचालन किया व श्रृंगार, ओज रस की रचनाएं सुनाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कवियत्री कृष्णा आचार्य ने हिंदी व राजस्थानी भाषा मे सुंदर कविताएं सुनाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ की बेटी कवियत्री सुधा राठी ने बेटियों के मन की आवाज उठाई।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कस्बे के श्रोताओं ने कवियों को ध्यान से सुना व खूब सराहना की।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सभी अतिथियों ने कवियों का सम्मान किया।