






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 नवंबर 2021। सरकारी विभागों में कार्यों के लटकने की लालफीताशाही जगजाहिर है और ऐसे में आज श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन का मानवीय रूप सामने आया है। सोमवार को राणासर नरूकान में हुई खींवसिंह और ललित की मौत के बाद पीड़िता कोमल कंवर को 24 घंटे में 2 लाख रूपए की संबल राशि सौंप दी गई है। इस कार्य के लिए पड़ौसी से लेकर प्रशासन तक सभी ने अपने हाथ मदद को आगे बढ़ाएं। उपखंड अधिकारी दिव्या चौधरी की पहल पर जाखासर हल्का पटवारी हरिराम सारण ने तुंरत प्रस्ताव बनाकर तहसीलदार तेजपाल गोठवाल को भेजा। गोठवाल ने प्रस्ताव उपखंड अधिकारी को भेंजे व उपखंड अधिकारी ने जिला कलेक्टर को। जिलाकलेक्टर ने भी मुख्यमंत्री राहत कोष से दो लाख रूपए की स्वीकृति तुरंत जारी की और आज नायब तहसीलदार जयनारायण व पटवारी हरिराम सारण ने आश्रिता को चेक सौंप दिया।
सोमवार को हुई थी ह्रदय विदारक घटना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सोमवार को राणासर की रोही में दोपहर 1 बजे 30 वर्षीय युवक खींवसिंह अपने इकलौते पुत्र ललित सिंह को बचाने के लिए डिग्गी में कुद गया और दोनों की ही डिग्गी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई थी। गांव में ही नहीं पूरे उपखंड में हरकोई इस घटना से स्तब्ध था। बता देवें खींवसिंह की पत्नी कोमल कंवर भी डिग्गी में कूद गई थी परन्तु उन्हें ग्रामीणों द्वारा बचा लिया गया। कोमल कंवर पति और बच्चे को याद कर करके बार बार बेसुध हो रही है और परिजनों का भी हाल बेहाल है। ऐसे में प्रशासन ने मदद की पहल की और पटवारी हरिराम सारण ने बताया कि इस दुःखद घटना में कल ही पोस्टमार्टम हो जाने के बाद उन्होंने पड़ौसियों से बात कर घर से कुछ जरूरी कागजात मंगवाए व तुरंत सहायता राशि स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेज दिया। इस दौरान पूरा प्रशासन एक्टिव मोड पर रहा व मात्र 24 घंटे में आश्रिता तक मदद पहुंचाई।




