






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 नवम्बर 2021। बीकानेर जिला मुख्यालय पर न्याय की मांग पर लंबे समय से धरने, अनशन पर बैठी दो महिलाओं को जब न्याय नहीं मिला तो वह अपनी गुहार मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए बीकानेर से जयपुर के लिए पैदल ही अपने बच्चों को साथ लेकर निकल पड़ी। जिले में चार चार मंत्री होने के बाद भी अपनी आवाज ऊपर तक पहुंचाने के लिए दो महिलाओं और तीन बच्चों को बीकानेर से श्रीडूंगरगढ़ तक 70 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करने की स्थिति ने शर्मनाक व्यवस्था को सबके सामने खड़ा कर दिया है। सरकार के लिए ये स्थिति शर्मनाक ना बने इसलिए इनके पैदल रवाना होने पर नौरंगदेसर के पास प्रशासनिक अधिकारियों ने इनसे वार्ता भी की लेकिन वार्ता निष्फल रही और इनकी यात्रा जारी रही। श्रीडूंगरगढ़ पहुंचने के दौरान इनकी तबीयत बिगड़ गई तो ये चिकित्सालय पहुंचे एवं प्राथमिक चिकित्सा के बाद वापस रवाना होने लगे। लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर लिया है एवं पुलिस भी चिकित्सालय पहुंच कर उनकी निगरानी कर रही है। दो महिलाएं तीन बच्चों के साथ न्याय की मांग लेकर बीकानेर से पैदल चल कर जयपुर जाने एवं तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सालय में भर्ती होने की जानकारी मिलने पर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिलाध्यक्ष पूनमचंद नैण भी चिकित्सालय पहुंचे एवं उनके भोजन आदि व्यवस्था करते हुए कुशलक्षेम पूछी। नैण ने प्रशासन से इस संबध में संज्ञान लेने एवं दोनों को उनके प्रकरणों में न्याय दिलवाने की मांग भी की है।




