






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 जनवरी 2022। आज कस्बे में माहौल गमगीन है और कस्बे में घटित हृदयविदारक घटना की चर्चा हर कोई के मुंह पर है। कालूबास निवासी शिवाराम ओड के घर आज कोहराम मचा है और पूरे मौहल्ले में सन्नाटा छा गया है। यहां शिवाराम के 40 वर्षीय पुत्र रेवंतराम और 37 वर्षीय बहू कमला देवी की असमय मौत का मातम पसरा है। गत रविवार दोनों के बीच मोबाइल को लेकर झगड़ा हुआ और दोनों ने जहर खा लिया। मंगलवार को पीबीएम में इलाज के दौरान कमला की मौत हो गई थी व शुक्रवार देर शाम रेंवतराम की मौत हो गई है। दोनों के छोटे छोटे तीन बच्चों ने ममता का आँचल व पिता का दुलार एक साथ खो दिया है। विवाह के 16 साल बाद दोनों ने आवेश में आकर ऐसा कार्य कारित किया है कि बच्चों का जीवन अनिश्चितता की ओर धकेल दिया है। वृद्ध माता पिता दोंनो नियति को कोस रहें है।
आवेश व आक्रोश को वश में रखें
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। आज के समय में सहनशीलता का दामन छुटता सा नजर आ रहा है और रिश्तों की डोर छोटी छोटी बात पर टूटती दिखाई दे रही है। ऐसे में समाज चिंतकों के लिए ये चिंता का विषय बन गया है। चारों ओर टेक्नोलॉजी के बढ़ते प्रयोग के साथ मानव जीवन में आवेश व आक्रोश भी घुल रहा है। ऐसे में लोग शॉर्ट टेंपर का शिकार हो रहें है और क्रोध में ऐसा कार्य कर लेते है जिससे वे अपने साथ अपने परिवार को भी संकट में डाल देते है। ऐसे में जरूरी है कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवेश व आक्रोश को वश में रखने का प्रयास करें व बच्चों को भी ये सीखाएं जिससे वे मजबूत हो सकें। विशेषज्ञ बताते है कि क्रोध या आवेश आने पर आप ये उपाय अपनाएं- सबसे पहले उस स्थान से हट जाएं जहां आपको क्रोध आ रहा है और तुरंत कहीं टहलने निकल जाएं। उल्टी गिनती गिनने का प्रयास करें, मैडिटेशन करें, गहरी सांस लें, अच्छा संगीत सुने, चुप रहें और विवाद नहीं करें, अच्छी नींद लेवें।



