






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 फरवरी 2022। 🚩श्री गणेशाय नम:🚩
शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
📜 आज का पंचांग 📜
☀ 07 – Feb – 2022
☀ Sri Dungargarh, India
☀ पंचांग
🔅 तिथि सप्तमी
🔅 नक्षत्र अश्विनी 18:59
🔅 करण : गर 17:24
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग शुभ 16:42
🔅 वार सोमवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 07:18 am
🔅 चन्द्रोदय 11:09 am
🔅 चन्द्र राशि मेष
🔅 चन्द्र वास पूर्व
🔅 सूर्यास्त 18:18 pm
🔅 चन्द्रास्त 00:25
🔅 ऋतु शिशिर
🔅 विक्रम सम्वत 2078
🔅 मास अमांत माघ
🔅 मास पूर्णिमांत माघ
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित 12:26 से 13:10
☀ अशुभ समय
राहु काल 08:40 से 10:03
☀ दिशा शूल पूर्व
📜 चोघडिया 📜
🔅अमृत 07:18:07 – 08:40:39
🔅काल 08:40:39 – 10:03:12
🔅शुभ 10:03:12 – 11:25:45
🔅रोग 11:25:45 – 12:48:18
🔅उद्वेग 12:48:18 – 14:10:51
🔅चल 14:10:51 – 15:33:24
🔅लाभ 15:33:24 – 16:55:57
🔅अमृत 16:55:57 – 18:18:30
🔅चल 18:18:31 – 19:55:53
🔅रोग 19:55:53 – 21:33:15
🔅काल 21:33:15 – 23:10:37
🔅लाभ 23:10:37 – 24:47:58
🔅उद्वेग 24:47:58 – 26:25:20
🔅शुभ 26:25:20 – 28:02:42
🔅अमृत 28:02:42 – 29:40:04
🔅चल 29:40:04 – 31:17:26
❄️ लग्न तालिका❄️
🔅 मकर चर
शुरू: 05:56 AM समाप्त: 06:55 AM
🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 06:55 AM समाप्त: 09:08 AM
🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 09:08 AM समाप्त: 10:33 AM
🔅 मेष चर
शुरू: 10:33 AM समाप्त: 12:09 PM
🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 12:09 PM समाप्त: 02:05 PM
🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 02:05 PM समाप्त: 04:20 PM
🔅 कर्क चर
शुरू: 04:20 PM समाप्त: 06:41 PM
🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 06:41 PM समाप्त: 08:58 PM
🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 08:58 PM समाप्त: 11:14 PM
🔅 तुला चर
शुरू: 11:14 PM समाप्त: अगले दिन 01:33 AM
🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:33 AM समाप्त: अगले दिन 03:52 AM
🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:52 AM समाप्त: अगले दिन 05:56 AM
रथ सप्तमी
सूर्य पूजा का महत्व रथ सप्तमी के दिन हमें प्रात: स्नान आदि के बाद सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए. सूर्य देव की कृपा से उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त होता है. वे इस सृष्टि को प्रकाशवान करते हैं, वे सभी ग्रहों में श्रेष्ठ माने गए हैं. कुंडली में सूर्य से पिता के संबंध का ज्ञान किया जाता है. इसलिए सूर्य देव की उपासना करके अपने पिता से संबंधों को मजबूत कर सकते हैं.
जिसकी कुंडली में सूर्य ग्रह मजबूत स्थिति में होता है, उन लोगों को कार्यक्षेत्र में यश और कीर्ति प्राप्त होती है. वे उच्च पद प्राप्त करते हैं. राजनीति के क्षेत्र में वे मान सम्मान पाते हैं. एक राजनेता के तौर वे सफल होते
पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री
8290814026



