May 20, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 फरवरी 2022। योग के जन्मदाता देश भारत की इस चिकित्सा पद्धति का लोहा कोरोना काल में देश दुनिया ने जाना माना और सराहा भी परन्तु योग को शिक्षा, चिकित्सा व खेल का अनिवार्य अंग बनाने व राज्य की सभी स्कूलों, अस्पतालों, खेलों में योग को लागू करने व योग शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग योग शिक्षक लगातार कर रहें है। अभी तक तो ये स्वप्न दूर की कौड़ी ही नजर आ रहा है क्योंकि सरकारों की मंशा ऐसी नहीं है। ऐसे में योग शिक्षक संघर्ष समिति ने प्रदेश की सरकार व सभी मंत्रियों को सद्बुद्धि के लिए हवन पूजन करने का बीड़ा उठाया है और पूरे राजस्थान में ये आयोजन किए जाएंगे। समिति के संरक्षक ओम कालवा ने केन्द्र व राज्य सरकार पर पिछले बीस सालों से योग विषय में डिग्री डिप्लोमा का कोर्स करने वाले लाखों योग शिक्षकों को बेरोजगारी के दलदल में झोंकने का कार्य करने का आरोप लगाया है। कालवा ने कहा कि योग हमारी संस्कृति का प्रमुख अंग है और योग से व्यक्ति व सर्व समुदाय का सर्वांगीण विकास संभव है। आज देश में बीपी, शूगर, थायराइड, मोटापा, केंसर, हृदय रोगी तथा असाध्य रोगों में भारत विश्व में पहले स्थान पर आ गया है। जो अतिचिंतनीय विषय है।कालवा ने समिति द्वारा आंदोलन किए जाने की चेतावानी देते हुए बताया कि रोजगार नहीं मिलेगा तब तक संघर्ष जारी रहेगा कालवा ने बताया योग विषय को शिक्षा, चिकित्सा, खेल सभी विभागों में शामिल किया जाना चाहिए जिससे देश का भविष्य उज्ज्वल हो सकें।