May 21, 2026
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पांच राज्यों में बुरी हार ने कांग्रेस को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। पंजाब में अनुकूल परिस्थितियां थी और भाजपा भी मजबूत नहीं थी, फिर भी कांग्रेस बुरी तरह हारी। पार्टी प्रमुख सिद्धू और सीएम चन्नी तक हार गये। दुःखद ये रहा कि कांग्रेस का वोट बैंक पूरी तरह आम आदमी पार्टी में शिफ्ट हो गया और उसने मैदान साफ कर दिया। दिल्ली की तर्ज पर अधिकतर सीट जीत ली। कांग्रेस को ये बड़ा सेड बैक है।
इसी तरह उत्तराखंड में भाजपा बारबार सीएम बदलने से कमजोर थी। एंटी इनकंबेंसी भी थी। कांग्रेस के कई नेता भाजपा से वापस पार्टी में आ गये, बहुमत का सपना देख लिया कांग्रेस ने। मगर यहां भी बुरी हार हुई। चुनाव अभियान के मुखिया और वरिष्ठ नेता हरीश रावत भी चुनाव हार गये। भाजपा ने बड़ी सफलता पाई।
गोवा में पिछली बार कांग्रेस बड़ी पार्टी थी और इस बार उसने सरकार बनाने के लिए चुनाव लड़ा। भाजपा में अंतर कलह थी, फिर भी कांग्रेस के हाथ कुछ नहीं लगा। भाजपा ने यहां भी सफलता पाई।
मिजोरम में कांग्रेस को बहुत उम्मीद थी। चुनाव अभियान भी सरकार बनाने की बात को ध्यान में रखकर चलाया गया। पर यहां भी भाजपा को ही बहुमत मिला और कांग्रेस की स्थिति खराब रही।
यूपी में तो कई दाव कांग्रेस ने चले। कम्पेन भी खूब किया। उम्मीदवारों में महिलाओं को भी प्राथमिकता दी गई। कई वादे किए। प्रियंका ने मेहनत की। मगर वोटर नहीं जुड़ा। पिछले चुनाव से भी बुरी हालत हुई और सिर्फ 2 सीट कांग्रेस जीत सकी। यूपी में इतनी बुरी स्थिति की कल्पना शायद कांग्रेस के विरोधियों ने भी नहीं की थी। लगातार जीतते आ रहे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भी इस बार चुनाव हार गये।
पांचों राज्यों में शिकस्त मिलने के बाद सोनिया गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की दिल्ली में बैठक बुलाई है। उससे पहले जी 23 के नेता गुलाम नबी आजाद के घर एक बैठक कर चुके हैं। इसलिए माना जा रहा है कि आज होने वाली बैठक में कई लोग कांग्रेस के पदों से इस्तीफे देंगे। कांग्रेस की राजनीति में ये सबसे बड़ा संकट है। आज कांग्रेस की दिशा तय होगी, कुछ नया होना तय है। इसीलिए राजनीति के सभी जानकारों की नजरें आज होने वाली कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक पर लगी है।
– मधु आचार्य ‘ आशावादी ‘
वरिष्ठ पत्रकार