August 30, 2026
26jan

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 मई 2022। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की लोकतंत्र की नींव माने जाने वाली दो संस्थाओं के दो रूप जनता के सामने आए है। एक जहां भ्रष्टाचार को छोड़ कर सभी योजनाओं में फिसड्डी साबित हो चुकी पालिका और दूसरी ओर श्रीडूंगरगढ़ पंचायत समिति जिसने ग्रामीण विकास पंचायती राज योजनओं के क्रियान्वयन के आधार पर जिले में प्रथम रैंकिंग हासिल की है। बता देवें शुक्रवार को आयोजित प्रशासन शहरों के संग शिविर में पार्षद जगदीश गुर्जर की अगुवाई में कई पार्षदों ने शिविर स्थल पर जमकर हंगामा किया तथा बीकानेर संभाग शिविर प्रभारी सुग्रीव सिंह ने भी अव्यवस्थाओं को देखकर नाराजगी जताई। सिंह ने महज हस्ताक्षरों के कारण बड़ी संख्या में फाइलें अटकी होने की बात कही। वहीं जिला कलक्टर भगवती प्रसाद कलाल ने शनिवार को ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। मासिक रैंकिंग में गत माह श्रीडूंगरगढ़ सातवें नंबर पर था वहीं ताजा रैंकिंग में श्रीडूंगरगढ़ प्रथम स्थान पर रहा है। बीकानेर पंचायत समिति सबसे निचले पायदान पर है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा और पंचायती राज से जुड़ी कार्यों के क्रियान्वयन के कुल 40 अंक (प्रत्येक बिंदु के दस-दस अंक) निर्धारित किए गए। इनमें सर्वाधिक अंक श्रीडूंगरगढ़ को प्राप्त हुए। इस माह की रैंकिंग में नोखा दूसरे, बज्जू खालसा तीसरे, लूणकरणसर चौथे, श्रीकोलायत पांचवे, खाजूवाला छठे, पांचू सातवें, पूगल आठवें और बीकानेर नौंवें स्थान पर रहा। जिला कलक्टर ने निचले पायदानों पर रहने वाली पंचायत समितियों को अधिक गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।