






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 26 मई 2022। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका में हर दिन नए नए गड़बड़ झाले सामने आ रहे है। यहां के ईओ भवानीशंकर व्यास को विभाग के सक्षम अधिकारी द्वारा गत 31 मार्च को ईओ पद से हटा कर इनके मूल पद पर भेज दिया गया था। लेकिन व्यास ने जोधपुर उच्च न्यायालय की चलपीठ से 27 अप्रैल को आदेश स्थगन प्राप्त कर लिया और श्रीडूंगरगढ़ ईओ पद पर पुनः अपने आप ही कार्यभार ग्रहण कर लिया। ईओ द्वारा किये गए इस कार्य को अवैध माना गया और ईओ ने स्टे की प्रतिलिपि अपने विभाग को भी नहीं दी है। ऐसे में ईओ कुर्सी पर व्यास काबिज तो हो गए लेकिन ट्रेजरी में उनका डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट जमा नहीं हो पाए हैं। इसके अभाव में पालिका के समस्त कार्मिकों की सैलरी तक नहीं बन पा रही है और आए दिन कार्मिक इस बाबत धरना देकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ईओ के हस्ताक्षर से होने वाले समस्त भुगतान के लिए ट्रेजरी में यह सर्टिफिकेट जमा करवाना होता है। लेकिन ये नियम केवल कार्मिकों और सही भुगतान पर ही लागू हो रहा है। दबे स्वर में यह भी सुनने को मिल रहा है कि सेटिंग वाले पेमेंट करने के लिए पालिका द्वारा कई चोर रास्ते निकाले हुए हैं जिनमें भुगतान सीधा चैक काट कर किया जा सकता है। ये चैक ट्रेजरी में भी नहीं जाते और चोर रास्ते से बिना ट्रेजरी से किसी भी प्रकार का भुगतान के भी व्यक्तिगत इंटरस्ट का काम निकाला जा सकता है। इस कारण हालत यह हो गए कि कार्मिकों को तो सेलेरी तक नहीं और अपनी पसंद के ठेकेदारों को पेमेंट के लिए चोर रास्ते खुले है।
उप कोषाधिकारी ने दिया पत्र।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ कार्यकारी ईओ द्वारा डिजिटल सिग्नेचर शुरू करने के लिए श्रीडूंगरगढ़ उपकोषागार में पत्र तो दिया गया लेकिन उपकोषाधिकारी द्वारा मांगे गए डीएससी पर कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ ट्रेजरी के उपकोषाधिकारी संदीप पांडिया ने इस बाबत भवानीशंकर व्यास को दो पत्र भी जारी कर दिए है और डिजिटल सिग्नेचर जारी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं। उप कोषाधिकारी ने पत्र देकर कहा कि डीएससी जारी करने से पहले नियमानुसार 19 मई से प्राप्त स्थगन आदेश की पालना में कार्यग्रहण करने वाले कार्मिक के नियुक्ति अधिकारी की समीक्षा रिपोर्ट जरूरी होती है। लेकिन यह अभी तक नहीं दी गई है और इस बारे में गत 20 मई को भी पत्र दिया गया था। लेकिन अभी तक समीक्षा रिपोर्ट नहीं दी गई है। अब ईओ को पुनः पत्र भेज कर दस्तावेज उपलब्ध करवाने को कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि इसके अभाव में कार्मिकों के वेतन या अन्य भुगतान में होने वाले विलम्ब के लिए ईओ स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस पत्र की प्रतियां स्वायत्त शासन विभाग सहित सभी अधिकारियों को दी गई है।



