






श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 24 जून 2022। आचार्यश्री तुलसी के आशीर्वाद से सन 1994 से श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में प्रारंभ हुए तुलसी सेवा संस्थान में आज सीटी स्कैन मशीन का लोकार्पण तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्यश्री महाश्रमण द्वारा किया गया। चिकित्सा क्षेत्र में लगातार श्रेष्ठ सेवाएं देने वाले इस संस्थान ने गत वर्षों में अनेक नए सोपान तय किए है। आज लोकार्पण समारोह में अस्पताल के स्टॉफ के डॉ. एन. पी. मारू, डॉ. राजकुमार सुथार, डॉ. अंकित स्वामी, डॉ. प्रणाली अहले, डॉ. गौरव सिंघल, डॉ. जगदीश राय, डॉ. जहांगीर सहित समस्त मेडिकल स्टॉफ मौजूद रहा। सभी ने गद्गद भाव से कल्याण मित्र बुधमल दुगड़ परिवार निवासी रतनगढ़ व प्रवासी कोलकाता व संस्था अध्यक्ष भीखमचंद पुगलिया व मंत्री धर्मचंद धाड़ेवा का आभार जताया। दानदाता दुगड़ परिवार का आभार जताया। डॉ. एन. पी. मारू ने कहा कि श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में चिकित्सा जगत में ये एक बड़ी क्रांति साबित होगी और सीटी स्कैन करवाने के लिए बीकानेर नहीं भागना पड़ेगा। बता देवें पूरे इलाके में बीकानेर के अलावा कहीं ये सुविधा उपलब्ध नहीं है। प्रशासक सूर्य प्रकाश गांधी ने बताया कि कई गंभीर रोगों में सीटी स्कैन की जरूरत होती है और अब प्रशिक्षित डॉक्टरों द्वारा इसके उपयोग से क्षेत्र के मरीजों को बेहतर लाभ मिल सकेंगे। इससे मरीजों को अन्यत्र कहीं आने जाने के खर्च सहित अनेक परेशानियों से निजात मिल जाएगी।
आप भी जाने कैसे और क्या काम है करोड़ो की इस मशीन का.?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। करोड़ो रुपए की ये मशीन अनेक गंभीर रोगों में उपयोगी होती है। तुलसी सेवा संस्थान की डॉक्टरों की टीम से बातचीत के बाद सभी पाठकों के लिए ये जरूरी जानकारी साझा की जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि आमतौर पर लोग सीटी स्कैनिग जांच को गैरजरूरी समझते है जो कि मरीज के हित मे नहीं होता है। शरीर के भीतरी हिस्सों की बीमारियों का पता लगाने के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण व विश्वसनीय जांच है। जो जानकारी सोनोग्राफी, एक्स-रे से नहीं मिल पाती वे सीटी स्कैन से मिल जाती है।
कैसे काम करता है सीटी?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सीटी स्कैनर शरीर के अंदरुनी अंग (जैसे मस्तिष्क) के अनेक स्लाइस में बिम्ब प्राप्त करता है। कम्प्यूटर द्वारा इन बिम्बों को मिलाकर उस अंग की एक बहुआयामी छवि प्राप्त कर ली जाती है। इसे कम्प्यूटर मॉनिटर पर देखा जा सकता है एवं फिल्म भी (एक्स-रे के समान) प्राप्त की जा सकती है।
क्या सीटी स्कैन सुरक्षित एवं पीड़ारहित है?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सीटी स्कैन एक अत्यंत सुरक्षित व दर्दरहित जाँच है। मरीज को बस कुछ क्षणों के लिए शांतिपूर्वक परीक्षण टेबल पर लेटे रहना पड़ता है। कभी-कभी सीटी जाँच के लिए आयोडीनयुक्त कन्ट्रास्ट इंजेक्शन या मुँह से दिया जाता है। इससे मरीज को थोड़ी बेचैनी या कभी-कभी एलर्जी हो सकती है, परंतु ऐसा बहुत ही कम होता है। फिर भी यदि आयोडीन से एलर्जी के बारे में पहले से मालूम हो तो डॉक्टर को अवश्य बता देना चाहिए। इसी प्रकार यदि गर्भावस्था हो तो भी डॉक्टर को जरूर बताना आवश्यक है, क्योंकि सीटी में भी एक्स-रे (रेडिएशन) की कुछ मात्रा अवश्य शरीर में जाती है।
सीटी स्कैन कब कराना आवश्यक है?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मस्तिष्क से संबंधित बीमारियों जैसे कुछ समय के लिए या पूरी तरह लकवा होना, मूर्च्छा या बेहोशी, दुर्घटना आदि से सिर में चोट, मस्तिष्क के अंदर खून जमा हो जाना, मस्तिष्क में गठान (ट्यूमर) होने का संदेह, स्पाइनल कॉर्ड (रीढ़) संबंधी समस्याओं आदि में सीटी स्कैन सबसे उपयोगी, महत्वपूर्ण एवं आवश्यक जाँच है।
पेट व छाती के अंदरुनी अंगों की बीमारियों की पहचान में भी सीटी स्कैन की महत्वपूर्ण भूमिका है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। फेफड़ों, लीवर आदि के कैंसर की विभिन्न अवस्थाओं (स्टेजेस) की जानकारी भी कैट स्कैन द्वारा प्राप्त की जाती है। कई बार सर्जन बायोप्सी जाँच, ऑपरेशन एवं कैंसर में सिंकाई (रेडियोथैरेपी) के पूर्व भी कैट स्कैन करवाते हैं ताकि जाँच, उपचार या ऑपरेशन बिलकुल ठीक-ठीक हो।







